दिल्ली में उमस और गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 8748 मेगावाट पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना गई। जानिए क्या है बिजली विभाग की तैयारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उमस भरी गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सोमवार को राजधानी में बिजली की अधिकतम मांग 8748 मेगावाट दर्ज की गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3:15 बजे यह रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। दिन के साथ-साथ रात में भी बिजली की खपत में कोई खास कमी नहीं आई, जिससे बिजली वितरण कंपनियों के सामने आपूर्ति बनाए रखने की बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रात में भी बनी रही भारी खपत
दिल्ली में केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात के समय भी बिजली की मांग असामान्य रूप से अधिक बनी हुई है। सोमवार और मंगलवार की मध्य रात्रि 12 बजे बिजली की अधिकतम मांग 8320 मेगावाट रिकॉर्ड की गई। आमतौर पर रात के समय बिजली की खपत कम हो जाती है, लेकिन उमस और गर्मी के कारण लोग देर रात तक एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही वजह है कि रात के समय भी बिजली की मांग ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
सुबह से ही बढ़ रहा है लोड
मंगलवार सुबह भी बिजली की मांग 5600 मेगावाट से ऊपर दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि राजधानी में लोग सुबह के समय भी गर्मी से राहत पाने के लिए कूलिंग उपकरणों का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहे हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम में नमी और तापमान इसी तरह बना रहा तो दिन के दौरान बिजली की मांग में और वृद्धि हो सकती है।
9000 मेगावाट के पार जा सकती है मांग
बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली की बिजली मांग 9000 मेगावाट का आंकड़ा भी पार कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे बिजली का लोड बढ़ता है, वैसे-वैसे घनी आबादी वाले इलाकों में ट्रिपिंग और तकनीकी खराबियों की आशंका भी बढ़ जाती है। अधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर, केबल और अन्य नेटवर्क उपकरणों पर दबाव बढ़ता है, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बिजली आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती
बढ़ती मांग के बीच बिजली वितरण कंपनियां नेटवर्क की लगातार निगरानी कर रही हैं। विभाग का कहना है कि मांग में अचानक बढ़ोतरी होने पर किसी भी संभावित समस्या से निपटने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि, कई इलाकों में नेटवर्क संबंधी तकनीकी खराबियों के कारण अस्थायी बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं, लेकिन बिजली कंपनियां निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
ऊर्जा मंत्री ने किया नेटवर्क सुधार का दावा
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री Ashish Sood ने कहा कि वर्तमान सरकार बनने के बाद बिजली नेटवर्क को मजबूत करने और वितरण प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक कार्य शुरू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि रिकॉर्ड स्तर की मांग के बावजूद राजधानी में बड़े पैमाने पर बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी और उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से बिजली आपूर्ति मिलती रही। मंत्री के अनुसार, भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए भी नेटवर्क क्षमता को और मजबूत किया जा रहा है।
मौसम और बिजली मांग का सीधा संबंध
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में तापमान और आर्द्रता बढ़ने के साथ बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ती है। एयर कंडीशनर और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण गर्मियों में बिजली खपत अपने चरम पर पहुंच जाती है। यदि अगले कुछ दिनों तक उमस भरा मौसम जारी रहता है तो राजधानी में बिजली मांग के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना बनी रहेगी।
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