जयपुर में बड़ा हादसा: निर्माणाधीन इमारत की दीवार ढही, 3 मजदूरों की मौत, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

राजस्थान के जयपुर में नाले की खुदाई के दौरान निर्माणाधीन इमारत की दीवार ढह गई। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हुई है, जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

जयपुर के आमेर क्षेत्र में दीवार गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती बचाव टीम
जयपुर के आमेर इलाके में निर्माणाधीन इमारत की दीवार गिरने के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। राजस्थान की राजधानी जयपुर के आमेर क्षेत्र में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया। ताला मोड़ इलाके में नाले की खुदाई के दौरान पास की एक निर्माणाधीन इमारत की दीवार अचानक ढह गई। हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया है और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

नाले की खुदाई के दौरान हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ताला मोड़ इलाके में नाले की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान अत्यधिक खुदाई के कारण पास स्थित निर्माणाधीन इमारत की दीवार कमजोर हो गई और अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरते ही आसपास काम कर रहे मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी।

तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि

जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक ने हादसे में तीन मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। वहीं कई घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, मलबे में अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, इसलिए राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रखा गया है।

12 लोगों के दबे होने की आशंका

घटनास्थल पर मौजूद लोगों का दावा है कि हादसे के समय करीब एक दर्जन मजदूर आसपास काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कम से कम 12 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि प्रशासन ने अभी तक मलबे में फंसे लोगों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे की तलाशी ले रहा है।

बिहार और झारखंड के बताए जा रहे हैं मजदूर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे से प्रभावित अधिकांश मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। प्रशासन उनके परिजनों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि सभी मजदूरों की पहचान और स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

लंच टाइम होने से टला बड़ा नुकसान

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा ऐसे समय हुआ जब कई मजदूर दोपहर के भोजन के लिए मौके से हट चुके थे। इसी वजह से संभावित जनहानि कम रही। यदि सभी मजदूर उस समय निर्माण स्थल पर मौजूद होते तो मृतकों और घायलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

एनडीआरएफ-एसडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने जेसीबी मशीनों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। प्रशासन का कहना है कि जब तक मलबे की पूरी तरह तलाशी नहीं हो जाती, तब तक राहत अभियान जारी रहेगा।

हादसे की जांच शुरू

पुलिस और प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर नाले की खुदाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी लापरवाही का परिणाम था या निर्माण कार्य में किसी प्रकार की नियमों की अनदेखी हुई थी। फिलहाल पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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