जनगणना प्रशिक्षण में लापरवाही पर सख्ती: अनुपस्थित कर्मियों पर होगी एफआईआर

लखनऊ। जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार सुबह अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन-4 स्थित मॉडर्न अकैडमी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तीन कक्षाओं में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का जायजा लिया और उपस्थित प्रगणकों व सुपरवाइजर्स का उत्साहवर्धन किया। नगर आयुक्त ने प्रशिक्षण में दी जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप हों। विशेष रूप से भोजन और पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने वाले प्रगणकों और सुपरवाइजर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहने या कार्य से इनकार करने पर जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। धारा 11 के प्रावधान के अनुसार, यदि कोई नियुक्त अधिकारी बिना उचित कारण अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करता या लापरवाही बरतता है, तो उसे तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। यह एक संज्ञेय अपराध है।

इन जोनों में प्रशिक्षण कार्यक्रम

नगर निगम के विभिन्न जोनों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। जोन-3 में केंद्रीय विद्यालय, सेक्टर-जे अलीगंज, जोन-4 में मॉडर्न अकैडमी विराम खंड-5 और लखनऊ पब्लिक स्कूल विराट खंड-4, जोन-5 में मानस नगर स्थित इंडिया लिटरेसी बोर्ड तथा जोन-7 में इरम पब्लिक कॉलेज और सेंट डोमिनिक सेवियो कॉलेज, इंदिरा नगर में और जोन-8 स्थित जीडी गोएनका स्कूल सुशांत गोल्फ सिटी में प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।

वहीं प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि प्रशिक्षण में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, इसलिए अनुपस्थिति का कोई भी कारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित कर्मियों के खिलाफ पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी और लगातार अनुपस्थिति या कार्य से बचने की स्थिति में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

24 अप्रैल 2026 को प्रशिक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मी अनुपस्थित पाए गए। जोन-3 में 248, जोन-4 में 156, जोन-5 में 24, जोन-7 में 82 और जोन-8 में 55 प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।