
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कोसीकलां की कृषि अनाज मंडी में हुआ विशाल कुश्ती दंगल, 50 से अधिक मुकाबलों में पहलवानों ने दिखाया दमखम
कोसीकलां। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कोसीकलां की कृषि अनाज मंडी में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन उत्साह और जोश के साथ किया गया। दंगल में क्षेत्र सहित आसपास के प्रदेशों और दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आए नामी पहलवानों ने हिस्सा लिया। करीब 50 से अधिक कुश्तियों में पहलवानों ने अपने दांव-पेंच और दमखम का प्रदर्शन किया। देर शाम तक चले मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
दंगल का शुभारंभ समाजसेवी विवेक चौधरी, लक्ष्मीनारायण प्रधान, पुष्पेंद्र सांगवान, अरुण चौधरी एवं कृष्ण पहलवान की मौजूदगी में छोटे बच्चों द्वारा विधिवत पूजन के साथ किया गया। इसके बाद विभिन्न भार वर्गों में पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए।
दंगल की सबसे बड़ी और आखिरी कुश्ती गांव रहेड़ा निवासी राजू पहलवान और गांव मीतरौल निवासी संजय पहलवान के बीच दो लाख 21 हजार रुपये की हुई। मुख्य अतिथि एवं कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने दोनों पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबले का शुभारंभ कराया। दोनों पहलवानों ने जोर आजमाइश करते हुए शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त नहीं बना सका और कुश्ती बराबरी पर छूटी।
इससे पूर्व गांव सांचौली निवासी पहलवान सौरभ और दिल्ली निवासी दीपक के बीच एक लाख 11 हजार रुपये की कुश्ती हुई, जिसमें सौरभ पहलवान ने जीत दर्ज की। वहीं हाथरस निवासी हरकेश और घोड़ी चांट, पलवल निवासी युधिष्ठिर पहलवान के बीच 72 हजार रुपये की कुश्ती कराई गई। दंगल में विजयी पहलवानों को आयोजन समिति की ओर से नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मल्लविद्या ब्रज की पहचान : नरदेव चौधरी
दंगल के दौरान मुख्य अतिथि नरदेव चौधरी ने कहा कि मल्लविद्या ब्रज की पहचान और गौरवशाली परंपरा है। आज के समय में भारतीय कुश्ती विश्व पटल पर अपनी पहचान बना रही है। भारत की बेटियों ने भी ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स और विश्व कुश्ती प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के पारंपरिक आयोजनों का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और मल्लविद्या की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाना है। दंगल जैसे आयोजन युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने आने और निखरने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे खेलों के प्रति अपना ध्यान केंद्रित करें और अपनी प्रतिभा को सही दिशा में आगे बढ़ाएं।
कई प्रांतों के पहलवानों ने लिया हिस्सा
दंगल आयोजन समिति के समाजसेवी विवेक चौधरी ने बताया कि प्रतियोगिता में 50 से अधिक कुश्तियां कराई गईं। इनमें छाता क्षेत्र के अलावा कई अन्य प्रांतों से आए ख्याति प्राप्त पहलवानों ने भाग लिया। दंगल के दौरान दर्शकों ने तालियां बजाकर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया।
दंगल में गिरधर खलीफा, वीरेंद्र पैगांव और ब्रजेश बठैनखुर्द ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि कार्यक्रम का संचालन डालचंद चौधरी ने किया।
इस अवसर पर अर्जुन अवार्ड प्राप्त क्षेत्राधिकारी जगदीश कालीरमन, कर्मवीर चौधरी, अजरी प्रधान, संजीव अग्रवाल, देशबंधु अग्रवाल, अरुण तांगर, कुलवीर सिंह, सोनू प्रधान साचौली, अरुण नंदगांव, श्रीकांत नवीपुर, वीरेंद्र प्रधान फूलगढ़ी, प्रवेश पंडित सहित सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे।