
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए प्रतिष्ठित रैंकिंग एजेंसी यूनीरैंक की वर्ष 2026 की रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर 44वीं तथा वैश्विक स्तर पर 3148वीं रैंक प्रदान की गई है। खास बात यह है कि लखनऊ विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश का ऐसा एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय बनकर उभरा है, जिसे देश के शीर्ष 100 उच्च शिक्षण संस्थानों में स्थान मिला है। इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया है।
वेब उपस्थिति और डिजिटल प्रभाव के आधार पर होती है यूनीरैंक रैंकिंग
यूनीरैंक विश्वभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन उनकी वेब उपस्थिति, डिजिटल प्रभाव, ऑनलाइन दृश्यता और विभिन्न स्वतंत्र वेब-आधारित संकेतकों के आधार पर करता है। इस रैंकिंग में केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को शामिल किया जाता है। यही कारण है कि यूनीरैंक को संस्थानों की वैश्विक पहुंच, प्रतिष्ठा और डिजिटल प्रभाव का महत्वपूर्ण मानक माना जाता है। लखनऊ विश्वविद्यालय का इस रैंकिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान और प्रभाव को दर्शाता है।
शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और नवाचार का मिला सम्मान
उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान प्राप्त करना लखनऊ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उत्कृष्टता, नवाचार आधारित दृष्टिकोण और अकादमिक नेतृत्व का प्रमाण माना जा रहा है। विश्वविद्यालय लगातार शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी सशक्तीकरण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है, जिसका परिणाम इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
कुलपति ने जताई खुशी
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लविवि के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि देश के राज्य विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करना तथा शीर्ष 100 संस्थानों में जगह बनाने वाला एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय होना लखनऊ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता और उत्कृष्टता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
विरासत और आधुनिकता के समन्वय से नई ऊंचाइयों की ओर विश्वविद्यालय
कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि 105 वर्ष से अधिक पुरानी गौरवशाली विरासत वाले लखनऊ विश्वविद्यालय का लक्ष्य आधुनिक शोध, नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण और वैश्विक अकादमिक सहयोग के माध्यम से नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्कृष्ट शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बढ़ती वैश्विक पहचान का मजबूत प्रमाण
लखनऊ विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि उसकी बढ़ती राष्ट्रीय प्रतिष्ठा, वैश्विक दृश्यता और अकादमिक प्रभाव का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जा रही है। शिक्षा जगत में इस सफलता को विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति और उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।