लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर पुलिस मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव मारा गया। वह बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड समेत कई गंभीर मामलों में वांछित था।

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार देर रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच हुई मुठभेड़ में 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव मारा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। यह मुठभेड़ लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को घिरता देख आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में ढेर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की ओर से की गई फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान संजय उर्फ संजीव गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के बाद मौके से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और फॉरेंसिक जांच में जुटी हुई है।
कई जिलों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संजय उर्फ संजीव अंबेडकरनगर का रहने वाला था और उसका आपराधिक नेटवर्क पूर्वांचल के कई जिलों तक फैला हुआ था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या और आसपास के जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध वसूली और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज थे। लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।
बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, संजय चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। इस घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। आरोपी को पकड़ने के लिए कई जिलों में विशेष टीमें भी गठित की गई थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज कई मामलों में महत्वपूर्ण जानकारी अब उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ के जरिए जुटाई जाएगी।
अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल के वर्षों में वांछित अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है। इसी कड़ी में यह कार्रवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखा जाएगा।
आगे क्या?
- मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच कराई जा सकती है।
- बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच होगी।
- आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल जारी रहेगी।
- हत्याकांड और अन्य मामलों में जुड़े सहयोगियों की तलाश तेज की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और मुठभेड़ से जुड़े सभी तथ्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया जा रहा है।
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