लखनऊ में पारा 43°C पहुंचा, प्रदेश में लू का कहर; 27 अप्रैल तक राहत नहीं

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने इस सीजन का नया रिकॉर्ड बना दिया। अप्रैल महीने में इतनी तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि सुबह और शाम के समय भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं।
प्रदेश के कई जिलों में लू का प्रकोप लगातार बना हुआ है। देश में सबसे अधिक तापमान बांदा में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय देश में सबसे अधिक है। वहीं बाड़मेर में 45.7 डिग्री और अमरावती में 45.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज 45.5 डिग्री तापमान के साथ देश में चौथे स्थान पर रहा, जबकि वाराणसी में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया।
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भीषण गर्मी की स्थिति बनी हुई है और कई जिलों में हीटवेव (लू) का प्रभाव देखा जा रहा है। मेरठ, आगरा, गाजीपुर, हरदोई, बाराबंकी समेत कई जिलों में लू की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल तक प्रदेश में गर्मी से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है और कुछ स्थानों पर उष्ण रात्रि की स्थिति भी बन सकती है, जिससे रात में भी तापमान अधिक बना रहेगा।
भीषण गर्मी के कारण आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को धूप में निकलने से बचने, अधिक से अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राहत के संकेत भी दिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 अप्रैल के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, जो धीरे-धीरे पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ेगी। इसके चलते 28 अप्रैल से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है।
मई महीने की शुरुआत तक इस बदलाव का असर बना रह सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से सावधानी बरतने और मौसम के प्रति सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।