
लखनऊ। राजधानी के राजाजीपुरम स्थित लिरिक्स एकेडमी ऑफ म्यूजिक में रक्षाबंधन पर्व के पूर्व नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए विशेष राखी एक्टिविटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम लिरिक्स एकेडमी ऑफ म्यूजिक की कोऑर्डिनेटर प्राची श्रीवास्तव के संरक्षण और एकेडमी के डायरेक्टर राय मणिपति राय के निर्देशन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक पर्व से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना रहा। इस दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लेते हुए अपनी कल्पनाशक्ति का इस्तेमाल कर रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां तैयार कीं।
राखी बनाने के दौरान बच्चों ने विभिन्न रंगों, सजावटी सामग्रियों और अन्य रचनात्मक वस्तुओं का इस्तेमाल कर सुंदर राखियां बनाईं। वहीं बच्चों में अपनी पसंद की राखी तैयार करने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। किसी ने आकर्षक रंगों का संयोजन किया तो किसी ने अलग-अलग सजावटी सामग्री के माध्यम से राखी को नया रूप दिया। इस गतिविधि ने बच्चों में कला और रचनात्मकता के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें मिल-जुलकर त्योहार मनाने और भाई-बहन के रिश्ते की अहमियत समझने का अवसर भी दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक-दूसरे को राखियां बांधकर प्रेम, स्नेह और आपसी जुड़ाव का संदेश दिया।
प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है रक्षाबंधन: प्राची श्रीवास्तव
लिरिक्स एकेडमी ऑफ म्यूजिक की कोऑर्डिनेटर प्राची श्रीवास्तव ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी के मजबूत रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। साथ ही इससे बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उनके भीतर आत्मविश्वास विकसित करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि बच्चों ने जिस उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया, वह बेहद खुशी की बात है।

बच्चों को बताया रक्षाबंधन और भारतीय संस्कृति का महत्व
एकेडमी के डायरेक्टर राय मणिपति राय ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व के साथ-साथ भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के रिश्ते की विशेषता के बारे में भी जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बच्चों को पर्व की परंपराओं से परिचित कराते हुए उन्हें आपसी प्रेम, सम्मान, सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ इस प्रकार की सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बच्चों को दी गई रक्षाबंधन की शुभकामनाएं
कार्यक्रम के समापन पर बच्चों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। बच्चों द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना करते हुए उनके प्रयास और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा और उन्होंने अपनी बनाई राखियों के साथ रक्षाबंधन के पर्व को यादगार बनाया।