
लखनऊ। राजधानी के सआदतगंज में स्थित चूड़ी वाली गली के प्राचीन श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर के नवनिर्माण को लेकर भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर के नवनिर्माण के क्रम में आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में शिखर एवं वेदी निर्माण का पूजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न कराया गया। इस अवसर पर आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज का मंदिर परिसर में मंगल प्रवेश भी हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार और पूजा-विधान से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा तथा जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर धार्मिक क्रियाओं में सहभागिता की।
प्रतिष्ठाचार्य ने विधिवत संपन्न कराईं धार्मिक क्रियाएं
मंदिर नवनिर्माण से जुड़े सभी पूजा-विधान एवं प्रतिष्ठा संबंधी धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य पंडित अशोक जैन शास्त्री, दिल्ली वालों के निर्देशन में विधिवत संपन्न कराई गईं। पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। वेदी निर्माण स्थल पर जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा स्वर्ण, रजत एवं कांस्य शिलाएं भी रखी गईं। मंत्रोच्चार, धार्मिक विधि-विधान और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को भव्य एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
पर्ची से हुआ मूलनायक पारसनाथ भगवान की प्रतिमा के दातार का चयन
कार्यक्रम के दौरान मूलनायक श्री पारसनाथ भगवान की प्रतिमा के दातार का चयन पर्ची द्वारा किया गया। इसका सौभाग्य कमला जैन, जागेश जैन, प्रमेश जैन, वैभव जैन एवं मीना जैन काला परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं श्री जी को विराजमान करने के लिए वेदी निर्माण का सौभाग्य भी काला परिवार को मिला। श्रद्धालुओं ने इस अवसर को अपने लिए विशेष सौभाग्य और धार्मिक पुण्य का अवसर बताया।

शिखर और मुख्य द्वार निर्माण का भी हुआ सौभाग्य निर्धारण
मंदिर के नवनिर्माण में विभिन्न धार्मिक एवं वास्तु संबंधी कार्यों के लिए भी दायित्व और सौभाग्य निर्धारित किए गए। शिखर निर्माण का सौभाग्य वीरेंद्र गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि मंदिर के मुख्य द्वार के निर्माण का सौभाग्य मयंक जैन गंगवाल को मिला। सरस्वती देवी की वेदी निर्माण का सौभाग्य प्रमेश जैन काला की बेटियों रिशिका एवं इशिता को प्राप्त हुआ। वहीं भगवान पारसनाथ की यक्षिणी माता पद्मावती देवी की वेदी निर्माण का सौभाग्य विमल जैन एवं पीयूष जैन बाकलीवाल परिवार को मिला।
7 हजार वर्गफुट में बनेगा आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य मंदिर
बताया गया कि सआदतगंज चूड़ी अली गली स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर काफी पुराना है। पुराने मंदिर को ग्राउंड लेवल से गिराकर अब उसी स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य नए मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। प्रस्तावित मंदिर का निर्माण लगभग 7,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में किया जाएगा। मंदिर की प्रथम मंजिल पर भव्य जिनालय का निर्माण होगा, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए विशाल सभागार बनाया जाएगा। मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
एक वर्ष में मंदिर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
मंदिर निर्माण कार्य को लगभग एक वर्ष में पूर्ण कर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों, पूजा-अर्चना एवं विभिन्न सामाजिक आयोजनों का भव्य रूप से आयोजन किया जा सकेगा। मंदिर के नवनिर्माण को लेकर जैन समाज में उत्साह का माहौल है और समाज के लोगों की सहभागिता से निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे मौजूद रहे और सभी ने धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।