US-Iran War: खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर 4 अमेरिकी मिसाइलें, बढ़ा तनाव

US-Iran War: खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर चार अमेरिकी मिसाइलें दागे जाने की खबर है। हमले में कोई हताहत नहीं, क्रू को सुरक्षित निकाला गया।

US Iran War Kharg Island Oil Tanker Missile Attack
US-Iran War के बीच खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर चार मिसाइलें दागे जाने की रिपोर्ट।

नई दिल्ली/अमर भारती। US-Iran War के बीच शनिवार को खाड़ी क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के पास एक छोटे ईरानी तेल टैंकर को अमेरिकी मिसाइलों से निशाना बनाया गया। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि टैंकर पर चार मिसाइलें दागी गईं। हमले में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और चालक दल को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

चार अमेरिकी मिसाइलों से टैंकर को बनाया गया निशाना

ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, ईरानी तेल टैंकर पर हमला खार्ग द्वीप से करीब छह समुद्री मील दूर हुआ। वहीं अन्य ईरानी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि टैंकर पर चार प्रोजेक्टाइल के प्रभाव पड़े। घटना के बाद इलाके में कई धमाकों की आवाज भी सुनी गई। रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर के चालक दल को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई और फिलहाल किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस हमले की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

खार्ग द्वीप क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

खार्ग द्वीप ईरान के लिए सिर्फ एक द्वीप नहीं बल्कि उसकी तेल अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। युद्ध से पहले ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का करीब 90 फीसदी हिस्सा इस रणनीतिक तेल टर्मिनल से संभाला जाता था। यही वजह है कि खार्ग के आसपास किसी भी सैन्य गतिविधि का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक तेल बाजार भी इसकी चपेट में आ सकता है। ईरानी तेल टैंकर पर हमले के बाद ईरानी नेताओं में भारी आक्रोश है उन्होंने बदले में बड़ा हमला करने की धमकी दी है।

पिछले कुछ महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के चलते ईरान के तेल निर्यात और समुद्री व्यापार पर पहले ही दबाव बढ़ चुका है। अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा संकट ने तेल टैंकरों की आवाजाही को प्रभावित किया है।

हॉर्मुज में तनाव ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

US-Iran War का सबसे बड़ा असर रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर दिखाई दे रहा है। यह जलमार्ग दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल और गैस व्यापार मार्ग है। यहां सैन्य तनाव बढ़ने के बाद कमर्शियल शिपिंग कंपनियों के सामने सुरक्षा का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ईरानी तेल टैंकर पर हमले के बाद अन्य देशों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी है।

अमेरिका पहले भी ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले कुछ वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ नाकेबंदी कार्रवाई कर चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, जून में खार्ग की ओर जा रहे एक खाली तेल टैंकर को चेतावनियों के बाद हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया था। जुलाई में भी अमेरिका ने खार्ग की ओर जा रहे एक अन्य खाली तेल टैंकर के खिलाफ कार्रवाई की थी। अमेरिकी सेना ने इसे अपनी नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने की कार्रवाई बताया था।

छह महीने से ज्यादा समय से जारी संघर्ष

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब छह महीने से ज्यादा लंबा हो चुका है। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां फिर तेज हुई हैं। अगस्त के अंत में अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। इसके बाद ईरान की ओर से अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर हमले की ताजा खबर ने तनाव को और बढ़ा दिया है। अगर खार्ग के आसपास हमले बढ़ते हैं तो इसका असर ईरान की तेल अर्थव्यवस्था के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, शिपिंग लागत और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि खार्ग द्वीप के आसपास यह हमला एक सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहता है या US-Iran War को एक और बड़े टकराव की तरफ ले जाता है।

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