World Map: 457 साल बाद बदला दुनिया का नक्शा, अफ्रीका का आकार अब दिखेगा ज्यादा वास्तविक

World Map को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। Equal Earth Projection में अफ्रीका का आकार ज्यादा वास्तविक दिखता है। जानिए Mercator Map की कहानी और बदलाव की वजह।

457 साल बाद बदला दुनिया का नक्शा
Equal Earth Projection में महाद्वीपों का आकार ज्यादा वास्तविक अनुपात में दिखाया गया है।

नई दिल्ली/अमर भारती। दुनिया का नक्शा करीब 457 साल बाद एक बार फिर चर्चा में है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 4 सितंबर को दुनिया के मानचित्र को लेकर एक प्रस्ताव पर मतदान होने की बात सामने आई है। प्रस्ताव में लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे Mercator Projection की जगह Equal Earth Projection को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस नए प्रोजेक्शन में अफ्रीका का आकार पहले की तुलना में ज्यादा वास्तविक नजर आता है, जबकि उत्तरी अमेरिका और यूरोप जैसे क्षेत्रों का आकार अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है।

क्यों चर्चा में आया नया World Map?

दुनिया के नक्शे को केवल भौगोलिक जानकारी का माध्यम नहीं माना जाता। नक्शा जिस तरह देशों और महाद्वीपों के आकार को दिखाते हैं, उससे लोगों की भौगोलिक समझ भी प्रभावित होती है। प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि पारंपरिक नक्शे भूमध्य रेखा से दूर स्थित क्षेत्रों के आकार को वास्तविकता से बड़ा दिखाते हैं। इसी वजह से Equal Earth Projection को ज्यादा संतुलित विकल्प के तौर पर पेश किया गया है। इस प्रोजेक्शन का उद्देश्य महाद्वीपों के क्षेत्रफल को वास्तविक अनुपात के करीब दिखाना है।

1569 में बना था Mercator Map

आज जिस Mercator Projection को दुनिया भर में व्यापक रूप से जाना जाता है, उसे यूरोपीय मानचित्रकार Gerardus Mercator ने 1569 में तैयार किया था। इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और नेविगेशन में था। पृथ्वी की गोलाकार सतह को सपाट नक्शा पर दिखाने के लिए इसमें एक विशेष प्रोजेक्शन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि इसकी एक बड़ी सीमा यह है कि भूमध्य रेखा से दूर जाने पर क्षेत्रों का आकार वास्तविकता से काफी बड़ा दिखाई देने लगता है। ध्रुवों के करीब मौजूद भूभाग इस प्रभाव से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

Greenland और Africa के आकार में कितना अंतर?

Mercator Projection को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा Greenland और Africa के उदाहरण की होती है। फाइल में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक Greenland का क्षेत्रफल करीब 22 लाख वर्ग किलोमीटर है, जबकि Africa का क्षेत्रफल लगभग 3 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। यानी वास्तविक क्षेत्रफल के हिसाब से Africa, Greenland से करीब 14 गुना बड़ा है।

लेकिन Mercator नक्शा में दोनों का आकार काफी हद तक एक जैसा दिखाई देता है। यही वजह है कि समान क्षेत्रफल को अधिक वास्तविक रूप में दिखाने वाले प्रोजेक्शन की मांग लंबे समय से उठती रही है।

Equal Earth Projection कब आया?

Mercator Projection की सीमाओं को देखते हुए 2018 में कार्टोग्राफर्स की एक टीम ने Equal Earth Projection नक्शा तैयार किया। इसका उद्देश्य दुनिया के अलग-अलग महाद्वीपों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के अनुपात के ज्यादा करीब दिखाना था। फाइल के मुताबिक African Union के 54 सदस्य देशों ने भी इस प्रोजेक्शन को अफ्रीका सहित महाद्वीपों के आकार को बेहतर तरीके से दिखाने वाला माना।

France ने भी किया नए Map का समर्थन

फाइल के अनुसार France ने भी नए मानचित्र का समर्थन किया है और Mercator Projection का इस्तेमाल बंद करने की घोषणा की है। फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने तर्क दिया कि पुराने नक्शा में Africa, Latin America और Southeast Asia की तुलना में कुछ क्षेत्रों का आकार असामान्य रूप से बड़ा दिखाई देता है।

क्या सच में दुनिया का नक्शा बदल गया?

यहां यह समझना जरूरी है कि Projection बदलने से पृथ्वी या देशों की वास्तविक भौगोलिक स्थिति नहीं बदलती। बदलाव केवल इस बात में होता है कि गोल पृथ्वी को सपाट नक्शे पर किस तरह प्रदर्शित किया जाए। इसलिए नए World नक्शा को दुनिया की भौगोलिक संरचना में बदलाव के बजाय उसे दिखाने के तरीके में बदलाव के तौर पर समझना ज्यादा सही होगा।

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