हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर खरगे ने जेपी नड्डा को पत्र लिखा है।

नई दिल्ली/अमर भारती। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर राज्यसभा के सदन के नेता और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खरगे ने इस मामले में अब तक FIR दर्ज नहीं होने पर गहरा असंतोष जताया है। उन्होंने नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देश देने और कथित घटना में शामिल लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है।
खरगे बोले- मुद्दा मेरे पद से कहीं बड़ा
जेपी नड्डा को लिखे पत्र में खरगे ने कहा कि ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा केवल उनके या कांग्रेस अध्यक्ष के पद से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। खरगे ने पत्र में कहा कि हल्द्वानी में हुई कथित घटना के खिलाफ अब तक FIR दर्ज नहीं होना हैरानी की बात है। उन्होंने नड्डा से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।
13 अगस्त को राज्यसभा में उठाया था मामला
खरगे ने अपने पत्र में 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद कथित तौर पर छुआछूत से जुड़ा ‘शुद्धिकरण’ किया गया था। खरगे के मुताबिक, राज्यसभा में उनके हस्तक्षेप के बाद जेपी नड्डा ने घटना को दुखद बताते हुए इसकी जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। खरगे ने पत्र में नड्डा के उस बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी इस तरह की गतिविधि का समर्थन नहीं करती और मामले को गंभीरता से देखा जाएगा।
24 दिन बाद भी FIR नहीं होने पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शुद्धिकरण’ विवाद की घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी कथित घटना को अंजाम देने वाले संबंधित संगठन और व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने नड्डा से सवाल किया कि जब राज्यसभा में इस मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, तो अब तक FIR क्यों नहीं हुई। खरगे ने उत्तराखंड सरकार से मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की है।
क्या है हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद?
दरअसल, 8 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की कांग्रेस रैली हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि रैली के दो दिन बाद यानी 10 अगस्त को उस मंच का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि खरगे की रैली के बाद बीजेपी-आरएसएस से जुड़े लोगों ने मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को दलित समुदाय के अपमान और छुआछूत से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
आरोपों को स्थानीय लोगों ने किया खारिज
हालांकि, दूसरी तरफ शुद्धिकरण से जुड़े संगठन और स्थानीय लोगों ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए जातिगत आरोपों को खारिज किया था। उनका कहना था कि घटना को जातिगत भेदभाव से जोड़कर पेश किया जा रहा है। यानी इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। अब कांग्रेस की ओर से FIR और जांच की मांग के बाद मामले को लेकर उत्तराखंड सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
नड्डा से कार्रवाई की मांग
हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर खरगे ने अपने पत्र के जरिए एक बार फिर बीजेपी नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामला केवल राजनीतिक दलों के बीच विवाद का विषय नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान और लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि उत्तराखंड सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और कथित घटना की जांच के बाद पुलिस की ओर से FIR दर्ज की जाती है या नहीं।
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