
बाराबंकी। कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में कार्यरत पांचों निर्माण एजेंसियों—मेघा, पीएनसी, वीएसए, वीटीएल एवं गायत्री—द्वारा 1586 ग्रामों में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने, समयबद्ध ढंग से परियोजनाओं को पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
परियोजनाओं में पर्याप्त श्रमिक लगाने के निर्देश
समीक्षा के दौरान डीएम बाराबंकी ने सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर लगाए गए कुशल एवं अकुशल श्रमिकों की संख्या का पूरा विवरण अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि अधिशासी अभियंता इस विवरण का स्थलीय सत्यापन कर यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक परियोजना पर पर्याप्त संख्या में श्रमिक कार्यरत हों। इससे निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जा सकेंगी।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, शिकायतों का हो त्वरित निस्तारण
डीएम बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि जल जीवन मिशन शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी योजना है, इसलिए इसकी गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को अधिकतम श्रमिक लगाकर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जहां भी जलापूर्ति बाधित है या तकनीकी समस्या है, वहां संबंधित अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था आपसी समन्वय से तत्काल समाधान सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीणों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके।
लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों की नियमित समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण लगातार किए जाएंगे। यदि किसी परियोजना में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।