
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इस विधेयक का विरोध किया है, वे नारी शक्ति को हल्के में ले रहे हैं और यह भूल रहे हैं कि 21वीं सदी की महिला हर घटना पर नजर रख रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने “पाप” किया है और इसकी सजा उन्हें जनता जरूर देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम संविधान निर्माताओं की भावनाओं का भी अपमान है और देश की महिलाएं इसे भली-भांति समझ चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन संशोधन किसी से कुछ छीनने का नहीं, बल्कि हर किसी को उसका अधिकार देने का प्रयास था। यह 40 वर्षों से लंबित महिलाओं के अधिकार को सुनिश्चित करने और 2029 के लोकसभा चुनाव से उन्हें प्रतिनिधित्व देने की दिशा में उठाया गया कदम था। प्रधानमंत्री ने इसे 21वीं सदी की नारी को नया अवसर और नई उड़ान देने वाला “महायज्ञ” बताया।
प्रधानमंत्री के अनुसार, यह संशोधन देश की आधी आबादी को विकास यात्रा में समान भागीदारी देने, बाधाओं को हटाने और संसद में सभी राज्यों की आवाज को मजबूत करने का प्रयास था। उन्होंने कहा कि यह उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—सभी क्षेत्रों की महिलाओं की शक्ति बढ़ाने की पहल थी, जिसमें छोटे-बड़े सभी राज्यों को समान महत्व दिया गया।
विपक्ष पर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि Indian National Congress, Trinamool Congress, Samajwadi Party और Dravida Munnetra Kazhagam जैसे दलों ने इस प्रयास को विफल करने के लिए “झूठ का सहारा” लिया और देश को गुमराह करने की कोशिश की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दलों ने महिला सशक्तीकरण में हमेशा बाधाएं डाली हैं और इस बार भी अलग-अलग बहानों से विधेयक को रोकने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपना “असली चेहरा” सामने ला दिया है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति वंदन संशोधन समय की मांग है और सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।