आर. प्रज्ञानानंद ने शतरंज की दुनिया में पहली बार जीता Grand Chess Tour Finals का खिताब

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने शतरंज की दुनिया में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने Grand Chess Tour Finals के रोमांचक फाइनल में अमेरिका के दिग्गज ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही प्रज्ञानानंद इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए।
प्रज्ञानानंद ने कारुआना के खिलाफ की शानदार वापसी
फाइनल का शुरुआती हिस्सा प्रज्ञानानंद के लिए आसान नहीं रहा। क्लासिकल मुकाबलों के बाद वह कारुआना से 6 अंक पीछे थे। पहला क्लासिकल गेम भारतीय ग्रैंडमास्टर ने 6-0 से गंवाया, जबकि दूसरा गेम 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
इससे कारुआना ने शुरुआत में छह अंकों की बढ़त बना ली थी। हालांकि, निर्णायक दिन प्रज्ञानानंद ने जबरदस्त वापसी की और रैपिड के दोनों मुकाबले जीतकर मैच का रुख बदल दिया।
रैपिड में लगातार दो जीत के बाद उन्होंने न सिर्फ छह अंकों की कमी पूरी की, बल्कि बढ़त भी हासिल कर ली। इसके बाद ब्लिट्ज में कारुआना ने वापसी की कोशिश की, लेकिन प्रज्ञानानंद ने अपना संयम बनाए रखा।
रैपिड में लगातार दो जीत से पलटा मैच
प्रज्ञानानंद के लिए रैपिड के दोनों मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण रहे। छह अंकों से पिछड़ने के बाद उन्होंने दोनों गेम अपने नाम किए और कारुआना पर दबाव बढ़ा दिया।
इसके बाद पहले ब्लिट्ज गेम में भारतीय खिलाड़ी के पास जीत के अच्छे मौके थे, लेकिन समय के दबाव में उनसे गलती हुई और उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई। हालांकि कारुआना इसका फायदा नहीं उठा सके और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
इसके बाद प्रज्ञानानंद ने अपनी बढ़त कायम रखी और आखिरकार 15-13 के स्कोर के साथ Grand Chess Tour Finals का खिताब जीत लिया।

पहली बार जीता Grand Chess Tour Finals का खिताब
यह प्रज्ञानानंद का पहला Grand Chess Tour Finals खिताब है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ वह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
खिताब जीतने के साथ प्रज्ञानानंद को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि भी मिली। उनके लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि फाइनल के क्लासिकल हिस्से में उन्हें कारुआना के खिलाफ छह अंकों की बड़ी कमी का सामना करना पड़ा था।
इसके बावजूद रैपिड में उन्होंने वापसी की और ब्लिट्ज में बढ़त को बनाए रखते हुए खिताब पर कब्जा कर लिया।
वेस्ली सो ने जीता तीसरा स्थान
तीसरे स्थान के मुकाबले में ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने विंसेंट कीमर को हराया। दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड में एक-एक गेम जीता।
इसके बाद ब्लिट्ज में वेस्ली सो ने शानदार प्रदर्शन किया और चारों गेम अपने नाम कर लिए। उन्होंने यह मुकाबला 18-12 से जीता और एक गेम बाकी रहते ही तीसरा स्थान पक्का कर लिया।
प्रज्ञानानंद की ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रज्ञानानंद की जीत मुश्किल परिस्थिति से उनकी शानदार वापसी का उदाहरण रही। छह अंकों से पिछड़ने के बाद उन्होंने रैपिड के दोनों गेम जीतकर मैच में वापसी की और फिर ब्लिट्ज में अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Grand Chess Tour Finals का खिताब जीतकर प्रज्ञानानंद ने भारतीय शतरंज के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। कारुआना जैसे दिग्गज खिलाड़ी के खिलाफ 15-13 की जीत के साथ उन्होंने अपना पहला Grand Chess Tour Finals खिताब हासिल किया।

जीत से क्या बदला?
इस खिताब के साथ प्रज्ञानानंद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल में छह अंकों से पिछड़ने के बाद जिस तरह उन्होंने मुकाबला अपने पक्ष में किया, वह इस जीत की सबसे खास बात रही।
आगे की राह
आर. प्रज्ञानानंद ने Grand Chess Tour Finals में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराया। छह अंकों से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी कर उन्होंने पहली बार यह खिताब जीता और इसे हासिल करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए। (Expose India)
यह भी पढ़ें
अंडर-19 में फिर दिखेगा द्रविड-सहवाग का जलवा!
रोहित शर्मा से मिलने 1,900 किमी साइकिल चलाकर मुंबई पहुंचा सुनील, 15 अगस्त को पूरा हुआ सपना