सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म: देशभर के आंदोलनों को एक मंच पर लाने की पहल

डिजिटल डेस्क, अमर भारती। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया है। उन्होंने कहा कि छात्र, किसान, आशा कार्यकर्ता, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने-अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कई बार उन्हें लगता है कि उनकी आवाज अकेली है।
भारत जोड़ो यात्रा से देश को एकजुट करने की मुहिम छेड़ चुके राहुल गांधी लगातार अपनी मुहिम को धार देते जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि देश को आज़ादी दिलाने वाले गांधीवादी विचारों से राहुल गांधी अपनी मोहब्बत की दुकान पर कितने ग्राहक जुटा पाते हैं। वैसे राहुल के पास खोने को तो कुछ नहीं है लेकिन सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए वह नए युग के गांधी का टैग जरूर पा सकते हैं।
बस फर्क इतना है कि पहले लड़ाई अंग्रेज़ों से थी और इस बार अपनों से है।
देशभर के आंदोलनों को एक मंच पर लाने की पहल
इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद सभी दलों से मिलकर चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस की रणनीति कुछ अलग रंग दिखा रही है। इससे अगला कदम ही देशभर के आंदोलनों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की एक कोशिश यहां शुरू हुई है।

राहुल गांधी के मुताबिक सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य अलग-अलग हिस्सों में चल रहे आंदोलनों और संघर्षों की आवाज को एक जगह लाना है। उन्होंने कहा कि बतौर नेता प्रतिपक्ष यह उनकी जिम्मेदारी है कि जहां भी सच को दबाया जा रहा है, वहां लोगों की मदद की जाए।
उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं छात्र पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, कहीं किसान अपनी जमीन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, आशा कार्यकर्ता मानदेय की मांग कर रही हैं और आदिवासी अपने जंगल बचाने के लिए खड़े हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि हर आंदोलन की अपनी अलग लड़ाई है और इसी वजह से कई आंदोलनों से जुड़े लोगों को लगता है कि वे अकेले संघर्ष कर रहे हैं।
‘दिल्ली आने की जरूरत नहीं’, सीधे पहुंचा सकते हैं अपनी बात
राहुल गांधी ने कहा कि सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोग अपने आंदोलन की बात सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए दिल्ली आने की जरूरत नहीं होगी और अपनी कहानी साझा करने में करीब दो मिनट लगेंगे।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की जानकारी एक नक्शे पर दिखाई देगी। इसके जरिए लोग यह भी देख सकेंगे कि देश के दूसरे हिस्सों में कौन लोग इसी तरह के मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
इस पहल के जरिए आंदोलनों से जुड़े लोगों को अपनी कहानी साझा करने और समान मुद्दों पर संघर्ष कर रहे लोगों को देखने का माध्यम उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
छात्रों, किसानों और महिलाओं समेत कई समूहों का जिक्र
राहुल गांधी ने सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर Gen Z, छात्रों, किसानों, आदिवासियों, दलितों और महिलाओं का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देशभर में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और हर संघर्ष की अपनी कहानी है।
उन्होंने जमीन, महिलाओं के अधिकार, दलितों के अधिकार, OBC के अधिकार, शिक्षा और परीक्षाओं जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को एक साथ लाने की बात कही।
राहुल गांधी के मुताबिक अकेली आवाज को दबाना आसान होता है, जबकि अलग-अलग संघर्षों को एक मंच पर लाने से उनकी कहानियां एक-दूसरे तक पहुंच सकती हैं। इसी उद्देश्य से सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए इन आंदोलनों को एक नक्शे पर दिखाने की बात कही गई है।
महात्मा गांधी का जिक्र कर कही सच की बात
राहुल गांधी ने इस पहल के दौरान महात्मा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बापू ने सिखाया था कि सच सबसे बड़ा हथियार है। उनके मुताबिक सच के साथ मिलकर खड़ा होना उससे भी बड़ा हथियार है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर वे भी किसी अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं तो अपनी कहानी साझा करें। राहुल गांधी ने कहा कि कहानी साझा करने में सिर्फ दो मिनट लगेंगे और वह नक्शे पर दिखाई देगी।
‘सत्याग्रह’ के जरिए आंदोलनों की आवाज जोड़ने की कोशिश
सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि इसका मकसद देशभर में अलग-अलग मुद्दों पर चल रहे संघर्षों को एक साथ लाना है। प्लेटफॉर्म के जरिए लोग अपने आंदोलन की जानकारी साझा कर सकेंगे और समान मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे लोगों के बारे में भी जान सकेंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के तौर पर जहां भी सच को दबाया जा रहा हो, वहां लोगों की मदद करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने आंदोलनों से जुड़े लोगों से अपनी कहानी साझा करने की अपील की है।
एक और सत्याग्रह
राहुल गांधी का सत्याग्रह डिजिटल प्लेटफॉर्म देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों की जानकारी को एक मंच पर लाने की पहल है। इसके जरिए लोगों को अपनी कहानी साझा करने और समान मुद्दों पर संघर्ष कर रहे अन्य लोगों की जानकारी एक नक्शे के माध्यम से देखने का अवसर देने की बात कही गई है। (Expose India)
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