राम मंदिर दानपात्र चोरी मामला: 8 नामजद आरोपियों पर FIR, SIT जांच में बड़े खुलासे की संभावना, पढ़िए अब तक क्या हुआ?

अयोध्या राम मंदिर के दानपात्रों में गबन मामले में 8 नामजद आरोपियों पर FIR दर्ज। SIT जांच में नकदी बरामदगी, पूछताछ और बड़े खुलासों की संभावना।

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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में जांच तेज

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्रों में कथित गबन मामले में आखिरकार लगभग 20 दिन बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामजन्मभूमि थाने में FIR दर्ज की गई, जिसमें कुल 8 लोगों को नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। यह FIR श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर दर्ज की गई।

किन लोगों पर दर्ज हुई FIR

जिन 8 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, उनमें मंदिर व्यवस्था और ट्रस्ट से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं:

  • रामशंकर यादव ‘टिन्नू’
  • अनुकल्प मिश्र
  • लवकुश मिश्र
  • मनीष यादव
  • सुभाष श्रीवास्तव (रिटायर्ड बैंककर्मी)
  • अविनाश शुक्ल
  • करुणेश पांडेय
  • रमाशंकर मिश्र

मुख्य आरोपी और शुरुआती बरामदगी

सूत्रों के अनुसार इस मामले में सबसे पहले अनुकल्प मिश्र को मास्टरमाइंड बताया गया है।
उसके कौशलपुरी स्थित घर से करीब 20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे।

अन्य आरोपियों से भी अलग-अलग बरामदगी सामने आई है:

  • लवकुश मिश्र के घर से लगभग 10 लाख रुपये नकद
  • अविनाश शुक्ल के खाते से 5 लाख रुपये रिकवरी
  • अन्य आरोपियों से भी कई लाख रुपये की बरामदगी

दर्ज की गई धाराएं (BNS और अन्य कानून)

इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है:

  • धारा 306 BNS – संपत्ति की चोरी
  • धारा 316(5) – आपराधिक विश्वासघात
  • धारा 317(4), 317(5) – चोरी/गबन की संपत्ति छिपाना
  • धारा 61 – आपराधिक षड्यंत्र
  • धारा 3(5) – संगठित अपराध
  • धारा 305 – धार्मिक स्थान की संपत्ति की चोरी
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 धारा 13(1)(a), 13(2) – सरकारी संपत्ति का गबन

जांच में सामने आए प्रमुख आंकड़े

  • नामजद आरोपी: 8
  • पूछताछ किए गए कर्मी: लगभग 150
  • शुरुआती नकद बरामदगी: 30+ लाख रुपये (कई आरोपियों से)
  • SIT जांच अवधि: लगभग 6–7 दिन सक्रिय जांच
  • प्रारंभिक रिपोर्ट: 20 पेज (गृह विभाग को सौंपी गई)

SIT जांच कैसे आगे बढ़ी

जांच की शुरुआत में ही 15 जून को SIT टीम अयोध्या पहुंची और मंदिर से जुड़े कई कर्मियों के बयान दर्ज किए गए।

  • 15–16 जून: ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ
  • 17 जून: बैंक और निजी एजेंसियों से पूछताछ
  • 18–19 जून: कर्मचारियों व संदिग्धों से क्रॉस पूछताछ
  • 20 जून: बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच
  • 23 जून: गृह विभाग को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी गई

FIR से पहले सामने आया घटनाक्रम

  • 7 जून: चोरी के आरोप पहली बार सामने आए
  • 9 जून: प्रधानमंत्री कार्यालय ने मामले का संज्ञान लिया
  • 13 जून: SIT का गठन
  • 15 जून: जांच शुरू
  • 25 जून: FIR दर्ज

जांच में और नाम जुड़ने की संभावना

सूत्रों के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में:

  • आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है
  • नए वित्तीय दस्तावेज सामने आ सकते हैं
  • और बड़े नामों की भूमिका की जांच हो सकती है

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