
“हमारी जनगणना, हमारा विकास” थीम के साथ लखनऊ में प्रेस वार्ता, 2027 की जनगणना पर विस्तृत जानकारी
लखनऊ: “हमारी जनगणना, हमारा विकास” थीम के तहत जनगणना निदेशक आईएएस शीतल वर्मा ने लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में जनगणना 2027 को लेकर अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1872 में हुई थी, जबकि 1881 में पहली बार पूरे देश में एक साथ जनगणना कराई गई थी। वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना देश की 16वीं और आजादी के बाद 8वीं जनगणना होगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 देश और प्रदेश के विकास का मजबूत आधार बनेगी। गांव और नगर स्तर पर यह सबसे बड़ा डेटा स्रोत होगी, जिससे विभिन्न सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा।
शीतल वर्मा ने बताया कि इस बार हर व्यक्ति की गणना की जाएगी, जिसमें नागरिक और गैर-नागरिक दोनों शामिल होंगे। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। खास बात यह है कि पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया गया है, जिसके तहत 7 मई से 21 मई 2026 तक लोग ऑनलाइन अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे।
स्व-गणना करने के बाद नागरिकों को एक SE ID प्रदान की जाएगी, जिसे प्रगणक को दिखाना होगा। सत्यापन के बाद ही प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। हालांकि यह सुविधा वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं है, क्योंकि हर घर तक प्रगणक पहुंचकर जानकारी एकत्र करेगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान 33 सवालों के माध्यम से जानकारी जुटाई जाएगी, जिसमें मकान, सुविधाएं और परिसंपत्तियों से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। डेटा संग्रहण मोबाइल ऐप के जरिए किया जाएगा। यह पूरा कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के तहत किया जाएगा और सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस डेटा का उपयोग किसी भी तरह के टैक्स या पुलिस जांच के लिए नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल विकास योजनाओं के लिए ही इसका इस्तेमाल होगा।
प्रदेश में इस विशाल अभियान के लिए लगभग 5.25 लाख कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें 5 लाख से अधिक प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं, जिन्हें मंडल, जिला और तहसील स्तर पर तैनात किया जाएगा। यह अभियान प्रदेश के सभी 75 जिलों में चलेगा, जिसमें 783 नगरीय निकाय और करीब 1.04 लाख गांव शामिल होंगे। 350 तहसीलों में कार्य संपादन होगा और लगभग 3.9 लाख ब्लॉकों में घर-घर सर्वे किया जाएगा।
जनगणना से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है। प्रेस वार्ता में मीडिया की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया और नागरिकों से अपील की गई कि वे जनगणना कार्य में सहयोग करें और सही व सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।