UPSSSC मुख्यालय के बाहर जूनियर असिस्टेंट अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन: रिजल्ट जारी करने की मांग

लखनऊ। लखनऊ में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के मुख्यालय के बाहर सोमवार को जूनियर असिस्टेंट भर्ती के अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया शुरू हुए तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है। इससे हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है और उन्हें नौकरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि आवेदन करने के बाद से ही अभ्यर्थियों को लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। कभी भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने के लिए आंदोलन करना पड़ा, तो कभी परीक्षा आयोजित कराने की मांग उठानी पड़ी। अब परीक्षा पूरी होने के बावजूद परिणाम जारी न होने के कारण फिर से सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों से भर्ती प्रक्रिया विभिन्न चरणों में अटकी हुई है, जिससे अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ती जा रही है।

आश्वासन के बाद भी नहीं निकला समाधान

प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थी समय-समय पर लखनऊ पहुंचकर प्रदर्शन करते हैं और आयोग के अधिकारियों तथा संबंधित विभागों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखते हैं। हालांकि हर बार उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अब तक न तो भर्ती प्रक्रिया पूरी हो सकी है और न ही नियुक्तियां दी गई हैं।

ग्राम पंचायत अधिकारी और जूनियर असिस्टेंट भर्ती का परिणाम लंबित

अभ्यर्थियों के अनुसार, PET-2022 के आधार पर निकाली गई 1468 पदों वाली ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती और 5512 पदों (संशोधित 5369 पद) की जूनियर असिस्टेंट भर्ती का परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया है। लगातार हो रही देरी के कारण हजारों अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परिणाम जारी न होना युवाओं के साथ अन्याय है।

जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज

प्रदर्शनकारियों ने आयोग से लंबित भर्तियों का परिणाम जल्द घोषित करने और नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों की तैयारी, परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद भी उन्हें नौकरी का इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा।