
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: दूसरे चरण के मतदान के एक दिन बाद कोलकाता में EVM और स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर तीखा राजनीतिक विवाद भड़क गया है। 30 अप्रैल की रात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भवानीपुर स्थित सखावत मेमोरियल स्कूल के EVM स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। उन्होंने भारी बारिश में तीन से चार घंटे तक वहां रहकर EVM में छेड़छाड़ और मैनीपुलेशन की आशंका जताई। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि टीवी पर CCTV फुटेज देखने के बाद वे खुद जाकर स्थिति देखने पहुंचीं।
वहीं 1 मई 2026 तक, चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने ममता बनर्जी के आरोपों को बेबुनियाद और बिना सबूत के बताया है. उन्होने कहा स्ट्रांग रूम में ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है. केन्द्रीय मंत्री सुकाम मजूमदार ने भी टीएमसी के आरोपों को निराधार बताया है.
फिलहाल एक्जिट पोल और स्ट्रॉंग रूम को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है. बीजेपी-टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी से निपटने के लिए हम जान की बाज़ी लगा देंगे. हालांकि एग्जिट पोल ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. ज्यादातर एजेंसियां करीबी मुकाबला बता रही हैं, जिसमें BJP को थोड़ी बढ़त मिलती दिख रही है। 2021 में भी कई एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे, इसलिए इन पर पूरा भरोसा नहीं किया जा सकता।
ममता बनर्जी और TMC नेता दावा कर रहे हैं कि उनकी पार्टी 230 सीटें या उससे ज्यादा जीतेगी। उन्होंने एग्जिट पोल को “गलत” और “BJP का प्रचार” बताया है। EVM विवाद के बीच वे मजबूती से कह रही हैं कि TMC की सरकार बन रही है।
वहीं BJP नेता सुवेंदु अधिकारी आत्मविश्वास जता रहे हैं कि इस बार BJP 150-200 सीटें हासिल करने में कामयाब होगी. बीजेपी जीत के पीछे एंटी इनकंबेंसी, विकास और तुष्टिकरण की नीतियों को महत्वपूर्ण मुद्दा बता रही है. अभी किसी का दावा पूरी तरह सही साबित नहीं हो सकता क्योंकि अंतिम फैसला 4 मई को मतगणना के बाद ही होगा। EVM सुरक्षा, Form 17C और गिनती की पारदर्शिता पर सबकी नजर रहेगी।