
फर्रुखाबाद में सपा नेताओं की प्रेस वार्ता
फर्रुखाबाद के आवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और पिछड़े, दलित एवं अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का ऐलान किया।
22 भर्तियों में 11 हजार से अधिक पदों की लूट का दावा
जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विभागों की 22 भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है। उनका आरोप है कि पिछड़े और दलित वर्ग के लिए आरक्षित 11,514 से अधिक पदों पर नियमों के अनुरूप नियुक्तियां नहीं की गईं। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग भी यह स्वीकार कर चुका है कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं हुआ।
सपा नेताओं के अनुसार, 69 हजार शिक्षक भर्ती में ही करीब 7,933 आरक्षित पदों का नुकसान पीडीए वर्ग के अभ्यर्थियों को हुआ। इसके अलावा वन एवं वन्यजीव रक्षक, ग्राम पंचायत अधिकारी, लेखपाल, कृषि प्राविधिक सहायक, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, चिकित्सा अधिकारी, पशु चिकित्सक और अन्य कई भर्तियों में भी आरक्षित पदों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया।
पीडीए समाज के भविष्य पर खतरे की बात
प्रदेश सचिव एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पीडीए समाज के भविष्य को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में पिछड़े और दलित समाज के अधिकारों पर लगातार प्रहार हुआ है, जिससे यह वर्ग विकास की दौड़ में पीछे चला गया है।
डॉ. शाक्य ने कहा कि यह केवल चुनावी या राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और सामाजिक न्याय की रक्षा का प्रश्न है। उन्होंने पीडीए समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की अपील की।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सरकार पर साधा निशाना
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक प्रताप सिंह यादव, अजीत कठेरिया, पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह यादव, प्रदेश सचिव सर्वेश अंबेडकर, मो. उमर खान, इलियास मंसूरी, डॉ. जेपी वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में भाजपा सरकार पर पीडीए वर्ग के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और आगामी समय में इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाने का संकल्प लिया।