रिकॉर्ड 92.88% मतदान! बंगाल का पहला चरण इतिहास रच गया, पहला चरण खत्म! अब 4 मई का इंतजार

पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को संपन्न हो गया। इस चरण में राज्य की 294 सीटों में से 152 सीटों पर वोटिंग हुई, जिसमें मुख्य रूप से उत्तर बंगाल के जिलों (कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरदुआर, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद) तथा कुछ दक्षिणी क्षेत्रों (पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुरा आदि) शामिल थे। लगभग 3.6 करोड़ मतदाताओं ने इस चरण में हिस्सा लिया।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, पहले चरण में रिकॉर्ड 92.88 प्रतिशत (कुछ रिपोर्ट्स में 91.46% से 92.72% तक) मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पश्चिम बंगाल का सबसे उच्च टर्नआउट माना जा रहा है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चला। शुरुआती घंटों में मतदान प्रतिशत धीमा रहा, लेकिन दोपहर के बाद तेजी से बढ़ा और अंतिम आंकड़े ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गए। इस उच्च भागीदारी को लोकतंत्र की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में छिटपुट हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं।
मतदान के दौरान सबसे चर्चित घटना दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में हुई। भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर कथित तौर पर हमला किया गया। शुभेंदु सरकार बूथ जैमिंग और मतदान एजेंटों को बाहर निकालने की शिकायत पर बूथ नंबर 24 का निरीक्षण करने गए थे। उनके अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उन्हें खेतों में दौड़ाया, पकड़ा और पीटा। एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें शुभेंदु सरकार पुलिसकर्मी के साथ भागते दिख रहे हैं और फिर भीड़ द्वारा हमला किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में उनकी पिटाई हुई और उनके वाहन में तोड़फोड़ की गई। भाजपा ने इसे टीएमसी द्वारा योजनाबद्ध हमला बताया और कहा कि इसका मकसद मतदाताओं में भय का माहौल बनाना था।
चुनाव आयोग ने इस घटना पर संज्ञान लिया और राज्य पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। टीएमसी पक्ष ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि शुभेंदु सरकार ने खुद बूथ के पास अशांति फैलाने की कोशिश की, जिसके कारण स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इस घटना के अलावा मुर्शिदाबाद, बीरभूम और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिलों में भी पत्थरबाजी, बूथ कैप्चरिंग और छोटी-मोटी झड़पों की रिपोर्ट आईं। भारी सुरक्षा बलों और AI सर्विलांस के बावजूद कुछ जगहों पर तनाव देखा गया।
कुल मिलाकर पहले चरण में 1,478 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें 167 महिलाएं शामिल हैं। मतदान शांतिपूर्ण रूप से संपन्न होने के बावजूद हिंसा की घटनाएं चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही हैं। दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026 को 142 सीटों पर होगा, जबकि सभी चरणों की मतगणना और नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
यह उच्च मतदान प्रतिशत टीएमसी और भाजपा दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उत्तर बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। शुभेंदु सरकार पर हुए हमले ने विपक्ष को हमला करने का मौका दिया है, जबकि सत्ताधारी दल इसे अलग-थलग घटना बताकर लोकतंत्र की रक्षा का दावा कर रहा है। कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव 2026 का पहला चरण रिकॉर्ड टर्नआउट और कुछ हिंसा की घटनाओं के साथ समाप्त हुआ। अब सबकी नजर दूसरे चरण और अंतिम नतीजों पर है।