
नई दिल्ली: देशभर में मच्छर जनित बीमारी डेंगू से निपटने के लिए सरकार जागरूकता अभियान चलाती है. हर वर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है और इसकी एक थीम निर्धारित की जाती है. दरअसल बारिश के मौसम में डेंगू के मामले तेज़ी से बढ़ते हैं इसलिए इस दिन स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर विशेष अभियान चलाता है.
इस वर्ष 16 मई को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2026 की थीम “Community Participation for Dengue Control: Check, Clean and Cover” रखी गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस थीम के जरिए लोगों से डेंगू की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक किया जा सके. इस थीम को चेक, क्लीनन और कवर जैसे शब्दों से सजाया गया है.
Check: घर और आसपास उन जगहों की नियमित जांच करें जहां पानी जमा हो सकता है।
Clean: कूलर, गमले, पुराने टायर, बाल्टी और पानी की टंकियों को साफ रखें ताकि मच्छर पनप न सकें।
Cover: पानी रखने वाले सभी बर्तनों को ढककर रखें ताकि Aedes aegypti मच्छर उसमें अंडे न दे सके
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम
भारत सरकार ने देशभर में जागरूकता लाने के लिए वर्ष 2004 में नैशनल वेक्टर बॉर्न डिज़ीज़ कंट्रोल प्रोग्राम (NVBDCP) जिसे अब नैशनल सेंटर फॉर बॉर्न डिज़ीज़ कंट्रोल के तहत संचालित किया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया संबंधित बीमारियों को नियंत्रित करना है. इसके जरिए सरकार राज्यों और नगर निकायों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा स्प्रे और पानी जमा होने वाले स्थानों की निगरानी करती है ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके और बीमारियां न फैलें.
मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा
डेंगू को लेकर देशभर में कई सरकारी अस्पतालों और लैब्स में जांच की सुविधाएं बढ़ाई गई है। कई राज्यों में सेंटिनल सर्विलांस सेंटर भी बनाए गए हैं, जहां मरीजों की जांच और इलाज किया जाता है और इनकी रिपोर्ट अधिकारियों को सरकार तक पहुंचानी होती है. मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर रहता है और राज्यों को एडवाइजरी जारी की जाती है ताकि डेंगू के मामलों को समय रहते रोका जा सके।
सरकारी अभियान
वहीं सरकार इसको लेकर अभियान भी चलाती है. सरकार स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में विभागों के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जाते है। पोस्टर, रैलियां, पंपलेट, सोशल मीडिया और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी दी जाती है और इससे बचने के निर्देश और स्वास्थ्य विभाग संबंधित सूचनाएं प्रदान की जाती हैं. सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन डेंगू रोकने में आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। साफ-सफाई और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। सरकार के प्रयासों से लोगों में जागरूकता बढ़ी है लेकिन इसके साथ ही आम लोगों की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित हो इसके लिए भी प्रयास जारी हैं.