69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण विवाद: लखनऊ में न्याय की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का विधानसभा घेराव

लखनऊ। यूपी के 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में 19000 सीटों पर आरक्षण घोटाले को लेकर लंबे समय से न्याय की लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। बता दें कि वर्ष 2020 से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग कर रहे आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने लखनऊ विधानसभा का घेराव करते हुए जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने करीब 10 से 15 मिनट तक नारेबाजी की और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “योगी जी हमें न्याय दो” और “सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करो” जैसे नारे लगाए। उनका आरोप है कि पिछले 18 महीनों से राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी ढंग से पैरवी नहीं कर रही है, जिससे मामले का समाधान लगातार टलता जा रहा है। धरने का नेतृत्व कर रहे पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और धनंजय गुप्ता ने बताया कि यह मामला वर्ष 2020 से लखनऊ हाईकोर्ट में विचाराधीन है।

क्या है मांगे

नाराज प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत के बजाय मात्र 3.86 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत के बजाय बेहद कम आरक्षण दिया गया, जो बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2024 को हाईकोर्ट की डबल बेंच इस भर्ती की पूरी सूची को रद्द कर चुकी है और सरकार को तीन महीने के भीतर नई मूल चयन सूची जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुमित यादव ने कहा कि यदि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई सुनिश्चित कर अभ्यर्थियों के पक्ष में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करती है, तो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारी किसी को नौकरी से हटाने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल उन याचियों को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं जो 2020 से अदालत में संघर्ष कर रहे हैं।

मोर्चा ने दी चेतावनी

प्रदर्शन को लेकर मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में ठोस पहल नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं धरना-प्रदर्शन में सुशील कश्यप, धनंजय गुप्ता, सुमित यादव, मनोज प्रजापति, नकुल यादव, रामविलास यादव, पुष्पेंद्र सिंह जेलर, राजेश चौधरी, शोभा, कंचन, दीपिका राजपूत, इसरार अली, लईक अहमद सहित बड़ी संख्या में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थी मौजूद रहे।