लविवि में योग चिंतन शिविर में स्वस्थ जीवनशैली पर जोर: डिजिटल लत से बचने की सलाह

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के योग विभाग, फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन एवं चंद्रभानु गुप्त कृषि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बख्शी तालाब के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय के स्वर्गीय शांति देवी सभागार में योग चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता योग फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव ने कहा कि योग केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि दर्शन का विषय है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं तथा शरीर में चेतना का जागरण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना अधिक समय पुस्तकों के अध्ययन में लगाएं, क्योंकि वर्तमान समय में युवा वर्ग मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अत्यधिक समय व्यतीत कर रहा है।

डिजिटल तकनीक के दुष्प्रभावों पर चिंता

फैकल्टी के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव ने कहा कि जहां डिजिटल तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं इसके दुष्प्रभाव भी सामने आ रहे हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में दर्द, सिरदर्द तथा गर्दन और पीठ की समस्याएं बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग तनाव, चिंता और डिप्रेशन का कारण बन रहा है, जिससे आत्मविश्वास में भी कमी आती है। उन्होंने बताया कि रात में मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, क्योंकि स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है।

योगासन और प्राणायाम से राहत संभव

डिजिटल उपकरणों के दुष्परिणामों से बचने के लिए डॉ. अमरजीत ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम के अभ्यास पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गर्दन और पीठ के दर्द से राहत के लिए गर्दन विकासक क्रियाएं, भुजंगासन, ताड़ासन, चक्रासन और तिर्यक ताड़ासन लाभकारी हैं। इन आसनों से शरीर का लचीलापन बढ़ता है। वहीं, भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान तनाव व चिंता को कम कर मन को शांत और सकारात्मक बनाते हैं। बेहतर नींद के लिए योग निद्रा का अभ्यास भी उपयोगी बताया गया।

छात्रों ने दिया योग प्रशिक्षण

इस अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र बाबी खान, मोनिका सिंह, विनीत, अर्चना सिंह, संजना, सपना, नम्रता, शौर्या और व्याख्या सिंह ने योग शिविर में प्रशिक्षण दिया। तो वहीं कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. योगेंद्र कुमार सिंह, आशुतोष, डॉ. सत्येंद्र सिंह चौहान सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।