मुसाफिरखाना में मुठभेड़: पुलिस के चक्रव्यूह में फंसा 50 हजार का इनामी बदमाश, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

मुसाफिरखाना/अमेठी। मुसाफिरखाना पुलिस ने रंगदारी के एक मामले में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को मुसाफिरखाना पुलिस ऑपरेशन चक्रव्यूह के अंतर्गत क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान इसौली रोड स्थित जाखा शिवपुर के पास पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कबाड़ व्यापारी रमन अग्रहरि से रंगदारी की घटना में वांछित 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश कहीं जाने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसौली रोड पर घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद इसौली घाट की ओर से एक मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक बाइक मोड़कर गुलाम हैदर जाने वाले कच्चे रास्ते से भागने लगा। इसी दौरान वह घबराकर गिर पड़ा और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।


पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को पकड़कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम इस्लाम अहमद उर्फ सोनू उर्फ मच्छर (28) निवासी इमामबाड़ा काशीराम कॉलोनी, कोतवाली नगर गोण्डा बताया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने 10 फरवरी 2026 को अपने साथियों के साथ मिलकर कबाड़ व्यापारी रमन अग्रहरि से 9.28 लाख रुपये की रंगदारी वसूली थी। घटना के बाद उसके साथी अनुज प्रताप सिंह ने सभी आरोपियों में रकम बांटी थी, जिसमें उसे 60 हजार रुपये मिले थे। इसके बाद वह मुंबई चला गया था। शेष एक लाख रुपये लेने के लिए वह वापस आया था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और बिना नंबर प्लेट की एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी के खिलाफ मुसाफिरखाना थाने में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार बदमाश का लंबा आपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ अमेठी, बस्ती और गोण्डा जिलों में डकैती, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
मुठभेड़ में गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार सिंह, उपनिरीक्षक गोपाल मणि मिश्र, हेड कांस्टेबल अजय कुमार पाल, मोहम्मद जावेद, नीरज यादव और हेमंत यादव शामिल रहे।