
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित संगोष्ठी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हक मांगने से नहीं मिलता बल्कि उसके लिए लड़ना पड़ता है और कांग्रेस पार्टी देश के 85 प्रतिशत शोषित, वंचित और पिछड़े समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है।
कांशीराम जयंती को कांग्रेसजनों ने सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी का संचालन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के चेयरमैन डॉ. अनिल जय हिन्द ने किया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय, डॉ. अनिल जय हिन्द तथा अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन डॉ. राजेंद्र पाल गौतम द्वारा किया गया।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कांशीराम को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दलित, शोषित और वंचित समाज को राजनीतिक चेतना दी और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि परिवर्तन केवल चाहने से नहीं आता, बल्कि उसके लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है और गलत को गलत तथा सही को सही कहना पड़ता है।
राहुल गांधी ने कांशीराम के एक उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि वह अक्सर एक पेन दिखाकर समझाते थे कि उसकी निब, बॉडी और ढक्कन कैसे काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ढक्कन केवल 15 प्रतिशत है लेकिन वही पूरे पेन को नियंत्रित करता है, ठीक उसी तरह भारतीय समाज में भी एक छोटा वर्ग व्यवस्था को नियंत्रित करता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस असंतुलन को और बढ़ा दिया है और 85 प्रतिशत समाज को हाशिए पर धकेल दिया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर लिया है। अब अमेरिका तय कर रहा है कि भारत तेल कहां से खरीदेगा। उन्होंने हाल में हुए व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे अमेरिका को फायदा हुआ है जबकि भारत के किसानों और आम जनता को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि जब उन्होंने संसद में एपस्टीन का नाम लिया तो उन्हें बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी आरोप लगाए और कहा कि जैसे ही उन्होंने यह मुद्दा उठाया, उन्हें दोबारा बोलने से रोक दिया गया।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दो कारणों से दबाव में है—एक एपस्टीन और दूसरा अडानी मामला। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी से जुड़े मामले में अमेरिका में चल रही जांच के कारण केंद्र सरकार दबाव में है और इसी वजह से प्रधानमंत्री समझौते कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति मानसिक रूप से हार जाता है तो उसकी हार निश्चित हो जाती है।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल चुनाव जीतने की नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है। विचारों की लड़ाई सबसे मजबूत होती है और जो अपने विचारों से समझौता नहीं करता, वही इतिहास में सम्मान पाता है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और कांशीराम जैसे नेताओं ने अपने सिद्धांतों पर अडिग रहकर समाज को दिशा दी।
संगोष्ठी में डॉ. अनिल जय हिन्द, डॉ. राजेंद्र पाल गौतम, डॉ. बी.पी. अशोक (सेवानिवृत्त आईपीएस), वीरेन्द्र सिंह यादव (सेवानिवृत्त न्यायाधीश), सांसद राकेश राठौर, पूर्व मंत्री के.के. गौतम, पूर्व सांसद लालमनी प्रसाद, पूर्व आईएएस अनीस अंसारी और मनोज यादव सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में कांग्रेस के महासचिव एवं प्रभारी अविनाश पांडेय, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’, एआईसीसी के सचिव एवं सह प्रभारी धीरज गुर्जर, राजेश तिवारी, सत्य नारायण पटेल, तौकीर आलम, नीलांशु चतुर्वेदी, प्रदीप नरवाल और सांसद तनुज पुनिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।