
लखनऊ। मायावती ने अंबेडकर जयंती के अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल पूरी तरह श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक न्याय के संदेश से ओत-प्रोत नजर आया।
बहुजन समाज पार्टी मुख्यालय में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम और गरिमामय ढंग से मनाई गई। कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा साहेब के विचारों को आज के समय में और अधिक प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज के वंचित और शोषित वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने भी बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के प्रति निष्ठा और सामाजिक समरसता ही डॉ. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं और समाज में समानता की भावना को मजबूत करें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में BSP कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और उनके सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया। मुख्यालय परिसर में पूरे दिन जय भीम के नारों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे माहौल पूरी तरह भावनात्मक और ऊर्जावान बना रहा।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर बाबा साहेब के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि आज भी समाज में समानता, न्याय और अधिकारों की लड़ाई जारी है, और ऐसे में डॉ. अंबेडकर के विचार मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि अर्पण और संकल्प के साथ हुआ।