राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 12 लाख कर्मचारियों और 16 लाख पेंशनर्स को राहत देने की उठाई मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) बढ़ाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्यमंत्री के आधिकारिक ईमेल पोर्टल पर प्रेषित पत्र में प्रदेश के करीब 12 लाख राज्य कर्मचारियों, स्वायत्तशासी निकायों के कर्मचारियों, राज्य निधि से वेतन प्राप्त कर रहे कार्मिकों तथा लगभग 16 लाख पेंशनर्स को तत्काल बढ़ी हुई दरों का लाभ देने का अनुरोध किया है।

केंद्र सरकार के फैसले के बाद प्रदेश में भी बढ़ोतरी की मांग

संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य रहा है जहां महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के आदेश सबसे पहले जारी किए जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अपने 50 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों के लिए 1 जनवरी 2026 से महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि के आदेश जारी कर चुकी है। इसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। इसी आधार पर प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी दो प्रतिशत बढ़ोतरी का लाभ दिए जाने की मांग की गई है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी, महासचिव अरुणा शुक्ला, कार्यवाहक अध्यक्ष निरंजन कुमार श्रीवास्तव और वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे समेत अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का अनुरोध किया है।

अप्रैल माह के वेतन के साथ भुगतान की मांग

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की महासचिव अरुणा शुक्ला ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया गया है कि कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता तथा पेंशनर्स को महंगाई राहत का भुगतान अप्रैल माह के वेतन के साथ किया जाए। परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रदेश के कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान की भी मांग उठाई है।

महासचिव अरुणा शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2001 के बाद संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के विनियमितीकरण के लिए अब तक कोई नियमावली जारी नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निगम गठन होने के बाद उनकी सेवा सुरक्षा संविदा कर्मचारियों से बेहतर हो गई है, जबकि लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारी अब भी नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

15-20 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील

संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले संविदा कर्मचारियों के विनियमितीकरण की कार्यवाही पूरी कराई जाए। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द नियमावली जारी कर 15 से 20 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेंगे।