
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दूरसंचार विभाग लखनऊ द्वारा दूरसंचार विभाग के साथ डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सहयोग से विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस–2026 के अवसर पर 15 मई 2026 को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अरुण कुमार वर्मा, अपर महानिदेशक, उत्तर प्रदेश (पूर्व) एलएसए, प्रो. (डॉ.) अमर पाल सिंह, कुलपति, प्रो. मनीष सिंह, प्रो. अमनदीप सिंह सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ, दूरसंचार विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल संचार व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, सुदृढ़ और आपदा-प्रतिरोधी बनाने की दिशा में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रो. मनीष सिंह, विभागाध्यक्ष द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। उन्होंने वर्तमान समय में डिजिटल संचार व्यवस्था की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए तकनीकी और विधिक समन्वय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अमर पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि तेजी से बढ़ती तकनीकी प्रगति के साथ विधिक जागरूकता और उत्तरदायित्वपूर्ण डिजिटल शासन व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
डिजिटल जीवन रेखाएं थीम के साथ मजबूत नेटवर्क निर्माण पर फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुण कुमार वर्मा, अपर महानिदेशक, उत्तर प्रदेश (पूर्व) एलएसए ने बताया कि इस वर्ष विश्व दूरसंचार एवं सूचना समाज दिवस–2026 की थीम “डिजिटल जीवन रेखाएं एक जुड़े हुए विश्व में सुदृढ़ प्रत्यास्थता” निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग देश में सुरक्षित और लचीली डिजिटल लाइफलाइन विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि भारतीय दूरसंचार अधिनियम 2023 और मार्गाधिकार नियम 2024 दूरसंचार अवसंरचना के तीव्र विस्तार और जन सुरक्षा की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में निर्बाध संचार सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण भी किया गया है, जिससे नागरिकों तक समय रहते विश्वसनीय चेतावनी संदेश पहुंचाए जा सकें।
साइबर सुरक्षा और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान दूरसंचार विभाग की नागरिक केंद्रित पहलों जैसे संचार साथी, वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक, तरंग संचार पोर्टल और दूरसंचार प्रौद्योगिकी विकास निधि जैसी जनहितकारी सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही साइबर सुरक्षा और विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी—जैसे डिजिटल अरेस्ट, क्रेडिट कार्ड कॉल स्कैम, ट्रैफिक चालान स्कैम, नकली जॉब कॉल, पार्सल स्कैम, मोबाइल टावर स्कैम और लोन स्कैम—के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश की शिकायत संचार साथी पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। वहीं यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो चुकी है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए अथवा 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सूचना देनी चाहिए।
आपदा के समय निर्बाध संचार सेवाओं की भूमिका पर मंथन
कार्यक्रम में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों ने प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में मजबूत एवं लचीले दूरसंचार नेटवर्क की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि आपदा के समय संचार सेवाओं का निरंतर संचालन नागरिक सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए अत्यंत आवश्यक है। वहीं प्रो. अमनदीप सिंह ने दूरसंचार अधिनियम 2023 और दूरसंचार (राइट ऑफ वे) नियम, 2024 के प्रमुख प्रावधानों, उनके विधिक और प्रशासनिक पहलुओं तथा दूरसंचार अवसंरचना विकास में उनकी भूमिका पर विस्तृत विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।