
लखनऊ। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश की ओर से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। प्रदेश प्रवक्ता एवं लखनऊ जिला अध्यक्ष राजीव कुमार कनौजिया ने कहा कि उच्च रक्तचाप आज के समय में “साइलेंट किलर” बन चुका है, जिसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं दिखते, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह दिल, दिमाग और किडनी पर गंभीर असर डाल सकता है।
बलरामपुर चिकित्सालय, लखनऊ के मुख्य फार्मासिस्ट राजीव कुमार कनौजिया ने बताया कि सामान्य व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg होना चाहिए। उन्होंने लोगों से खानपान और जीवनशैली में सुधार लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खाने में नमक की मात्रा कम रखें और अचार, पापड़ व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से हरी सब्जियां और ताजे फल खाने चाहिए तथा रोजाना 30 से 45 मिनट तक टहलना, योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। साथ ही तनाव, धूम्रपान, गुटखा और शराब से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
राजीव कुमार कनौजिया ने यह भी कहा कि यदि डॉक्टर ने ब्लड प्रेशर की दवा दी है तो उसे बिना सलाह बंद नहीं करना चाहिए। बीपी सामान्य होना दवा के सही असर का संकेत है, बीमारी खत्म होने का नहीं।
उन्होंने लोगों से 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।