ग्राम प्रधानों ने कार्यकाल बढ़ाने और प्रशासनिक समिति गठन की मांग उठाई, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


एत्मादपुर (आगरा)। आगामी मई-जून 2026 में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने और जनगणना कार्यों के चलते पंचायत चुनाव में संभावित देरी को लेकर प्रधान संगठन ने सरकार से विशेष व्यवस्था की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी एत्मादपुर सुमित सिंह को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में विलंब तथा मई-जून 2026 में प्रस्तावित जनगणना कार्यों के कारण प्रदेश में समय पर ग्राम पंचायत चुनाव होना संभव नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
प्रधान संगठन का कहना है कि यदि चुनाव समय पर नहीं हो पाते तो इसमें वर्तमान ग्राम प्रधानों की कोई गलती नहीं है। 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया है और ग्राम स्तर पर विकास योजनाओं के संचालन में ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
संगठन ने मांग की कि पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 29 के अंतर्गत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में प्रशासनिक समितियों का गठन किया जाए, ताकि विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित न हो। इसके लिए सरकार से शीघ्र अध्यादेश लाने की भी मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष प्रधान संघ लौंगश्री, प्रधान प्रतिनिधि मुकेश बघेल, उपाध्यक्ष सुमित सैन, रामप्रकाश धाकरे, भोजराज यादव, विद्यादेवी, उमाशंकर, वीरेंद्र सिंह परमार, रिंकू सेठ, विनोद कुमार, सुनील धाकरे, पवन सिसोदिया, जयवीर सिंह यादव, राजबहादुर सिंह, सर्वेश देवी और राधेश्याम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।