
लखनऊ/अयोध्या। अयोध्या धाम स्थित श्रीराम जन्मभूमि परिसर में निर्मित मां दुर्गा मंदिर पर 29 मई को धर्म ध्वजा का भव्य आरोहण किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह विशेष अनुष्ठान मातृशक्ति को समर्पित रहेगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर की सनातन महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम में “सुंदरकांड महा अभियान भारत वर्ष की बने पहचान” की प्रमुख और सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
सनातन ध्वजवाहिका सपना गोयल का कहना है कि उनका एकमात्र उद्देश्य संतों और ऋषियों की पुण्यभूमि भारत को दोबारा “विश्व गुरु” के रूप में स्थापित करना है। इसी लक्ष्य को लेकर “ईश्वरीय स्वप्नाशीष सेवा समिति” के माध्यम से प्रतिदिन सुंदरकांड पाठ और प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को मंदिरों में सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन लगातार किया जा रहा है।
उन्होंने बिना किसी सरकारी या निजी सहयोग के महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति के प्रसार को जनआंदोलन का रूप दिया है। 10 मार्च 2024 को महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ के झूलेलाल घाट पर पांच हजार से अधिक महिलाओं के साथ भव्य सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया गया था। इसके बाद 23 जून 2024 को नैमिषारण्य में पांच हजार महिलाओं की भागीदारी के साथ विशाल सुंदरकांड महायज्ञ का सफल आयोजन कराया गया।
25 जिलों से लेकर देश के 10 राज्यों तक पहुंचा अभियान
सपना गोयल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में सुंदरकांड महायज्ञ आयोजित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही यह अभियान अब प्रदेश के 42 जिलों और देश के 10 राज्यों तक पहुंच चुका है। इस धार्मिक अभियान के अंतर्गत उत्तराखंड के सिद्धबली मंदिर कोटद्वार, काशी विश्वनाथ मंदिर, हरिद्वार की हर की पौड़ी, चित्रकूट रामघाट, प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर, कानपुर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भव्य सुंदरकांड पाठ संपन्न हो चुका है।
मथुरा स्थित भगवान कृष्ण जन्मस्थली परिसर में भी डेढ़ हजार से अधिक महिलाओं ने सामूहिक सुंदरकांड पाठ में सहभागिता की थी। वहीं बीते वर्ष 11 सितंबर से अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में मासिक सुंदरकांड पाठ की शुरुआत भी की जा चुकी है। अब राजधानी लखनऊ में 11 हजार महिलाओं के सामूहिक सुंदरकांड पाठ की तैयारी की जा रही है।
सेवा कार्यों में भी अग्रणी भूमिका
“सेवा परमो धर्म:” को मूल मंत्र मानते हुए समिति द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सेवा कार्य भी लगातार किए जा रहे हैं। सर्दियों में कंबल वितरण से लेकर विभिन्न धार्मिक अवसरों पर भंडारों का आयोजन नियमित रूप से कराया जा रहा है।
साध्वी ऋतंभरा होंगी मुख्य अतिथि
29 मई को शाम छह बजे होने वाले धर्म ध्वजा आरोहण समारोह में साध्वी ऋतंभरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में 3500 से अधिक महिलाओं की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी, भाजपा और विभिन्न सनातन महिला संगठनों की पदाधिकारी शामिल होंगी।
ध्वजारोहण अनुष्ठान के उपरांत सभी अतिथियों को रामलला और राम परिवार के दर्शन भी कराए जाएंगे। राम जन्मभूमि परिसर में इससे पहले गणेश, महादेव, मां अन्नपूर्णा, सूर्य देव और रामभक्त हनुमान मंदिरों पर ध्वजारोहण हो चुका है। अब दुर्गा मंदिर परिसर का छठा पूरक मंदिर बनेगा, जबकि सातवें और अंतिम शेषावतार मंदिर पर 23 जून को ध्वजारोहण प्रस्तावित है।
कई प्रमुख हस्तियों को आमंत्रण
इस आयोजन में सुरक्षा एजेंसियों और कार्यदायी संस्थाओं की महिला अधिकारी एवं कर्मियों को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें पुलिस, पीएसी, एसएसएफ, सीआरपीएफ, एलआईयू, एलएंडटी, टीसीई, यूपीआरएनएन और ईआईएल से जुड़ी महिलाएं शामिल होंगी।
विशिष्ट अतिथियों में फतेहपुर सांसद एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, विहिप की केंद्रीय मंत्री एवं मातृशक्ति की अखिल भारतीय संयोजिका मीनाक्षी ताई पिश्वे, दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका प्रज्ञा महाला, राष्ट्रीय सह संयोजिका पिंकी पवार, प्रांतीय संयोजिका अवनी राजपूत, सीमा जादौन और सरिता यादव सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।