योगी सरकार में स्पोर्ट्स कॉलेजों का बढ़ा क्रेज, 518 सीटों के लिए करीब 2600 आवेदन


लखनऊ, 28 मई। उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार की खेलोन्मुख नीतियों और आधुनिक सुविधाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सत्र 2026-27 में प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस बार 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। पिछले साल जहां करीब 1800 आवेदन प्राप्त हुए थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 2600 तक पहुंच गई है। इससे साफ है कि प्रदेश के युवाओं का रुझान अब खेलों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और वे खेल को बेहतर करियर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन आधारित बनाया गया है। प्रारंभिक चयन परीक्षा 100 अंकों की रखी गई थी, जिसमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक स्किल एवं गेम टेस्ट के निर्धारित किए गए थे। दोनों परीक्षाओं में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है।

प्रारंभिक परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को मुख्य चयन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। पिछले वर्ष लखनऊ और कानपुर मंडल में 264 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 393 पहुंच गई है। मुख्य चयन परीक्षा का आयोजन 3-4 जून और 5-6 जून को किया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य चयन परीक्षा भी 100 अंकों की होगी, जिसमें फिजिकल टेस्ट के 50 अंक तथा गेम एवं स्किल टेस्ट के 50 अंक निर्धारित किए गए हैं। फिजिकल टेस्ट में न्यूनतम 40 प्रतिशत यानी 20 अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। खेल विशेषज्ञ मैदान पर खिलाड़ियों की तकनीक, प्रदर्शन और खेल कौशल का मूल्यांकन करेंगे। स्किल टेस्ट के लिए 30 अंक और गेम टेस्ट के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।

मुख्य चयन परीक्षा का परिणाम खेल साथी पोर्टल और संबंधित कॉलेजों की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। इसके बाद श्रेष्ठता सूची तैयार की जाएगी। सूची में शामिल अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच केंद्रीय व्यवस्था के तहत कराई जाएगी। अभिभावकों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जैविक आयु जांच में उपयुक्त पाए गए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग कर प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाएगा और कॉलेज वरीयता व रिक्त सीटों के आधार पर अंतिम प्रवेश दिया जाएगा।

स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य और प्रबंध समिति उत्तर प्रदेश के सचिव दीपेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक ट्रायल पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराया गया है तथा अंतिम ट्रायल भी निष्पक्ष तरीके से कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में आवेदन संख्या को 3 से 4 गुना तक बढ़ाना है।