
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पोषण सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश में फोर्टिफाइड राइस के बाज़ार विस्तार की संभावनाओं को बढ़ावा विषयक कार्यशाला में तीन नए फोर्टिफाइड राइस ब्रांड्स का शुभारंभ किया गया। इनमें श्रीराम फूड्स का एसआरएस न्यूट्री क्राउन फोर्टिफाइड राइस, विस्तार एक्स का न्यूट्री प्रो राइस और जैन इंडस्ट्रीज़ का ग्रेनोवा पोषण राइस शामिल हैं। आयरन, जिंक, विटामिन बी3, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध ये उत्पाद उपभोक्ताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बाजार में उतारे गए हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद और उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि खाद्य फोर्टिफिकेशन कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी दूर करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने टेक्नोसर्व संचालित ‘मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य में पोषण संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वहीं एफएसओ सुप्रिया सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश फोर्टिफाइड चावल को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख राज्य बनकर उभरा है और यह उत्साहजनक है कि स्थानीय राइस मिलर्स फोर्टिफाइड चावल को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
जानकारों ने साझा किए विचार
टेक्नोसर्व के सीनियर प्रैक्टिस लीड एवं मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन एशिया के प्रोग्राम लीड मोनोजित इंद्रा ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के बाद अब खुदरा बाजार में फोर्टिफाइड चावल की उपलब्धता बढ़ने से लोगों की बेहतर पोषण तक पहुंच और मजबूत होगी। मिलर्स फॉर न्यूट्रिशन इंडिया के कंट्री प्रोग्राम मैनेजर अभिषेक शुक्ला ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि राइस मिलर्स पोषण सुधार के साथ-साथ टिकाऊ व्यवसायिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
फोर्टिफाइड चावल के बढ़ते महत्व पर जोर
विस्तार एक्स के निदेशक ऋषभ जैन, श्रीराम फूड्स के निदेशक शुभांशु शुक्ला और जैन इंडस्ट्रीज़ के पार्टनर तरुण गोयल ने दैनिक आहार के माध्यम से सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने और बेहतर पोषण परिणाम सुनिश्चित करने में फोर्टिफाइड चावल के बढ़ते महत्व पर बल दिया।
तो वहीं कार्यशाला में नीति-निर्माताओं, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों और पोषण विशेषज्ञों ने भाग लिया तथा फोर्टिफाइड चावल के विस्तार, तकनीकी पहलुओं और जनस्वास्थ्य पर इसके प्रभावों पर चर्चा की।