चुनार PHC में डॉक्टर नदारद, कुत्ते के काटने के बाद इंजेक्शन के लिए भटकता रहा मरीज

रिपोर्ट: प्रवेश सिंह, चुनार/मिर्जापुर

चुनार (मिर्जापुर)। चुनार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे एक मरीज ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़ित मरीज के अनुसार, उसे दो-तीन दिन पूर्व कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद वह लगातार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर लगा रहा है। मरीज का आरोप है कि निर्धारित ओपीडी समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कई बार अस्पताल पहुंचने के बावजूद उसे कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिला। इसके कारण समय पर उपचार और इंजेक्शन नहीं लग सका।

मरीज ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और कर्मचारियों के टालमटोल रवैये से उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उसने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास भी किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला।

इस मामले में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार पटेल ने बताया कि अस्पताल का ओपीडी समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। वहीं, मरीज का दावा है कि वह इसी अवधि में अस्पताल पहुंचा था, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं मिले।

मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीज का कहना है कि उसने सीएमओ कार्यालय से भी संपर्क किया, जहां से उसे डॉक्टर से मिलने की सलाह दी गई, जबकि अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध ही नहीं थे।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही आम बात बनती जा रही है, जिससे मरीजों को उपचार, दवा और जांच के लिए परेशान होना पड़ता है।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाता है।