Vaibhav Suryavanshi Controversy: श्रीलंकाई खिलाड़ी से विवाद के बाद क्या लग सकता है बैन? जानिए ICC के नियम

इंडिया ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का श्रीलंका ए के खिलाड़ी से विवाद चर्चा में है। जानिए ICC की आचार संहिता, डिमेरिट अंक प्रणाली और क्या इस मामले में बैन लग सकता है।

श्रीलंका ए के खिलाफ मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी
मैच के बाद हुए विवाद के चलते युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा में हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ट्राई नेशन ए सीरीज में इंडिया ए की ओर से खेल रहे वैभव अब तक तीन मैचों में 14, 44 और 21 रन की पारियां खेल चुके हैं। हालांकि श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए मुकाबले के बाद उनका नाम प्रदर्शन से ज्यादा मैदान पर हुई एक विवादित घटना को लेकर सुर्खियों में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मैच समाप्त होने के बाद वैभव और श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में कथित धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या युवा भारतीय बल्लेबाज पर ICC की ओर से कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैच समाप्त होने के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हुई। बताया जा रहा है कि कुछ टिप्पणियों के बाद माहौल गर्म हो गया और दोनों खिलाड़ियों के बीच शारीरिक संपर्क की स्थिति बन गई। हालांकि अब तक मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाशदारन या टूर्नामेंट आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल किसी भी खिलाड़ी को दोषी ठहराना जल्दबाजी होगी।

ICC की आचार संहिता क्या कहती है?

ICC की आचार संहिता (Code of Conduct) के अनुच्छेद 2.12 के तहत किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, मैच अधिकारी या अन्य व्यक्ति के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क को नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इस नियम के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी जानबूझकर, लापरवाहीवश या अनुचित तरीके से किसी अन्य खिलाड़ी को धक्का देता है, कंधा मारता है या उससे टकराता है, तो उसे अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों को आमतौर पर लेवल-1 या लेवल-2 अपराध की श्रेणी में रखा जाता है, जिसकी गंभीरता घटना की परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

क्या वैभव पर बैन लग सकता है?

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में सीधे बैन की संभावना फिलहाल काफी कम दिखाई देती है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ‘ए’ टीमों की अधिकांश सीरीज ICC के सीधे नियंत्रण में नहीं होतीं। आमतौर पर ऐसे टूर्नामेंटों में अनुशासनात्मक मामलों का निपटारा संबंधित क्रिकेट बोर्ड और मैच अधिकारियों द्वारा किया जाता है। यदि मामला ICC के संज्ञान में आता भी है तो शुरुआती स्तर पर फटकार, चेतावनी या मैच फीस का जुर्माना लगाया जा सकता है। लेवल-1 अपराध में खिलाड़ी की मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही उसे डिमेरिट अंक भी दिए जा सकते हैं।

क्या होते हैं डिमेरिट अंक?

ICC की अनुशासनात्मक व्यवस्था में डिमेरिट अंक (Demerit Points) महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

  • लेवल-1 अपराध: 1 से 2 डिमेरिट अंक
  • लेवल-2 अपराध: 3 से 4 डिमेरिट अंक
  • लेवल-3 अपराध: 5 से 8 डिमेरिट अंक
  • लेवल-4 अपराध: 8 या उससे अधिक डिमेरिट अंक

यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने के भीतर कुल 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक जमा कर लेता है, तो ये अंक सस्पेंशन पॉइंट्स में बदल सकते हैं और खिलाड़ी को मैचों से निलंबित किया जा सकता है।

आधिकारिक फैसले का इंतजार

फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक कार्रवाई घोषित नहीं हुई है। मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो फुटेज की समीक्षा के बाद ही किसी संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि टूर्नामेंट अधिकारी इस विवाद को किस तरह देखते हैं और क्या युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को किसी प्रकार की चेतावनी, जुर्माना या अन्य सजा का सामना करना पड़ता है।

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