चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में मेडिकल स्टोर कैशियर की हत्या मामले में पुलिस ने तीन शूटरों की पहचान कर ली है। जांच में जम्मू कनेक्शन और जिगाना पिस्टल के इस्तेमाल की आशंका सामने आई है।

नई दिल्ली/अमर भारती। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित एक मेडिकल स्टोर के कैशियर की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जांच एजेंसियों ने वारदात में शामिल तीन संदिग्ध शूटरों की पहचान कर ली है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि पुलिस जब संभावित ठिकानों पर पहुंची, तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
जांच में सामने आया ‘जम्मू कनेक्शन’
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान एक संदिग्ध का चंडीगढ़ से भी संबंध सामने आया है। बताया जा रहा है कि उसकी एक करीबी महिला मित्र शहर में रहती है। इसी कड़ी को आधार बनाकर पुलिस स्थानीय नेटवर्क और आरोपियों की गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला कई राज्यों से जुड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर भी इशारा कर सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है।
जिगाना पिस्टल के इस्तेमाल की आशंका
जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि हत्या में तुर्किये निर्मित जिगाना (Zigana) पिस्टल का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। जिगाना पिस्टल का नाम पहले भी कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। इसी हथियार का इस्तेमाल कथित तौर पर प्रसिद्ध पंजाबी गायक Sidhu Moosewala की हत्या में किया गया था। इसके अलावा Atiq Ahmed और Baba Siddique की हत्या के मामलों में भी इस हथियार का जिक्र हुआ था।
क्या है जिगाना पिस्टल?
जिगाना तुर्किये में निर्मित एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल है, जिसे उसकी विश्वसनीयता और फायरिंग क्षमता के लिए जाना जाता है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह आधुनिक लॉकिंग सिस्टम और उच्च क्षमता वाली मैगजीन के साथ आती है।
इस पिस्टल की कुछ प्रमुख विशेषताएं:
- सेमी-ऑटोमैटिक फायरिंग सिस्टम
- डबल-एक्शन ट्रिगर मैकेनिज्म
- उच्च क्षमता वाली मैगजीन
- अपेक्षाकृत हल्का वजन
- आधुनिक सुरक्षा फीचर्स और बेहतर स्थिरता
हालांकि किसी भी हथियार की तकनीकी क्षमता का उपयोग उसकी वैधता या अवैध गतिविधियों को उचित नहीं ठहराता। भारत में अवैध हथियारों की तस्करी और इस्तेमाल कानूनन गंभीर अपराध है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने घटनास्थल से मिले सबूतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, आपराधिक गिरोह या कोई अन्य कारण था। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के मकसद और पूरी साजिश का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।
पुलिस की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में संदिग्धों की तलाश कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड, यात्रा विवरण और आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
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