दक्षिणी दिल्ली के माउंट कैलाश में घरेलू सहायिका मीना हलदर की हत्या से सनसनी। घटनास्थल से चाकू और बल्ला बरामद, डॉक्टर मनीष गुप्ता हिरासत में। परिवार ने उठाए कई सवाल।

नई दिल्ली/अमर भारती। दक्षिणी दिल्ली के माउंट कैलाश इलाके में घरेलू सहायिका मीना हलदर की बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सना चाकू और एक बल्ला बरामद किया है। वहीं मौके पर मौजूद त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
कोलकाता की रहने वाली थीं मीना हलदर
मीना हलदर मूल रूप से पश्चिम बंगाल के बनगांव क्षेत्र की निवासी थीं। वह दक्षिणी दिल्ली के गढ़ी इलाके के प्रकाश मोहल्ले में अपने बेटे राबिन हलदर, बेटी पपिहा और बहू सुपर्णा हलदर के साथ रहती थीं। उनके पति उत्तम हलदर गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार के भरण-पोषण के लिए मीना माउंट कैलाश स्थित मकान नंबर ए-69 और उसके पीछे स्थित एक अन्य मकान में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थीं। उनकी बहू सुपर्णा भी इसी इलाके में घरेलू कार्य करती हैं।
सीढ़ियों पर बैठे मिले डॉक्टर मनीष गुप्ता
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस जब मकान के भीतर पहुंची तो त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता सीढ़ियों पर बैठे मिले। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए जाने के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा, “मुझे फांसी दे दो। मौके से एक बल्ला और खून से सना रसोई का चाकू बरामद किया गया है। पुलिस इन दोनों वस्तुओं को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है।
खून से लथपथ मिलीं मीना, बहू देखकर हो गई बेहोश
मीना की बहू सुपर्णा ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे वह काम पर पहुंची थीं। इसी दौरान आसपास के लोगों से उन्हें सास के साथ हुई घटना की जानकारी मिली। सुपर्णा के अनुसार, “पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। जब मौके पर पहुंची तो पुलिस ने मुझे ऊपर जाने दिया। छत पर पहुंची तो देखा कि सास खून से लथपथ पड़ी थीं। उनके सिर पर गंभीर चोटें थीं और शरीर पर कई घाव थे। चारों तरफ खून फैला हुआ था। यह दृश्य देखकर मैं बेहोश हो गई।”
बेटे को दोस्तों से मिली मां की हत्या की सूचना
मीना के बेटे राबिन हलदर ने बताया कि वह नेहरू प्लेस में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। उन्हें दोस्तों के माध्यम से घटना की जानकारी मिली। राबिन ने कहा, “मुझे आज भी यकीन नहीं हो रहा कि मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। वह किसी का बुरा नहीं सोचती थीं। डॉक्टर के घर पहुंचने पर पुलिस ने मुझे मां का शव देखने तक नहीं दिया।” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “मेरी मां की हत्या करके किसी को क्या मिला होगा? मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।” राबिन के अनुसार उनकी मां पिछले करीब 10 वर्षों से डॉक्टर के घर पर काम कर रही थीं और उन्होंने कभी किसी विवाद की जानकारी परिवार को नहीं दी थी।
प्रदर्शन कर लोगों ने मांगी कड़ी सजा
घटना के बाद मीना के परिजन, रिश्तेदार और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के बाहर जमा हो गए। लोगों ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त सजा की मांग की। परिजनों का कहना था कि 45 वर्षीय मीना केवल अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए मेहनत कर रही थीं। उन्होंने कभी किसी से झगड़ा नहीं किया और न ही परिवार को किसी विवाद की जानकारी दी।
परिवार का सवाल- आखिर हत्या की वजह क्या थी?
परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि मीना का किसी से कोई विवाद नहीं था। ऐसे में उनकी इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की गई, यह सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान कई बार लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घेरकर जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले के सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।
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