योग स्वस्थ रहने की प्राचीन पद्धति है : डॉ. अमर सिंह पौनिया



कोसीकलां। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को योगिराज भगवान श्रीकृष्ण की पावन ब्रजभूमि में विभिन्न स्थानों और ग्रामीण अंचलों में योग शिविरों का आयोजन किया गया। शहर से लेकर गांवों तक लोगों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया। योगाचार्यों ने साधकों को योग की बारीकियां बताते हुए नियमित योग के महत्व पर प्रकाश डाला।
शहर के गांधी पार्क में नगर पालिका परिषद के तत्वावधान में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। भारत स्वाभिमान न्यास के प्रभारी एवं भाजपा ब्रज क्षेत्र पिछड़ा वर्ग के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. अमर सिंह पौनिया के नेतृत्व में पिछले एक सप्ताह से लगातार योग शिविर संचालित किया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सुबह छह बजे से ही बड़ी संख्या में नगरवासी सामूहिक योगाभ्यास के लिए गांधी पार्क पहुंच गए।
इस अवसर पर डॉ. अमर सिंह पौनिया ने कहा कि योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक स्वास्थ्य पद्धति हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, भागदौड़ और पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव के कारण लोग योग से दूर होते जा रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योग गुरु बाबा रामदेव के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। आज दुनिया के अनेक देशों में लोग योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष धर्मवीर अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी, जिसके बाद योग का महत्व पूरे विश्व में और अधिक बढ़ा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का भी माध्यम है।
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी योग दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला पंचायत सदस्य आरपी सिंह ने बच्चों और युवाओं को खेलकूद तथा योग के माध्यम से स्वस्थ रहने का संदेश दिया। उन्होंने योगाभ्यास कराते हुए बताया कि योग शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक और बौद्धिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को प्रतिदिन योग करने का संकल्प भी दिलाया।
योग शिविरों में सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया तथा नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ और निरोग जीवन अपनाने का संकल्प लिया। पूरे क्षेत्र में योग दिवस को लेकर उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।