
बनगांव (पश्चिम बंगाल)। बांग्लादेश सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के बनगांव क्षेत्र में विश्व हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा एक विशाल हिन्दू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में हिन्दू समाज के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान हिन्दू एकता, सनातन संस्कृति की रक्षा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के विषय प्रमुख रूप से केंद्र में रहे।
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू रक्षा परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं रेल मंत्रालय, भारत सरकार के सलाहकार गोपाल राय ने कहा कि संगठन के कार्यालय में समय-समय पर लव जिहाद और धर्मांतरण से जुड़े अनेक मामले सामने आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि २० जून २०२६ को गोंडा निवासी हमजा अली तथा बाराबंकी निवासी शबनम बानो ने अपनी स्वेच्छा से पूर्ण वैदिक विधि-विधान और शुद्धिकरण प्रक्रिया के साथ हिन्दू धर्म में घर वापसी की।
वैश्विक स्तर पर हिन्दू समाज को संगठित हो
गोपाल राय ने कहा कि दूसरी ओर ऐसे अनेक मामले भी सामने आते हैं, जिनमें हिन्दू बेटियों को लव जिहाद का शिकार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को देखते हुए संगठन ने विभिन्न देशों में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किए हैं, ताकि वैश्विक स्तर पर हिन्दू समाज को संगठित किया जा सके। उन्होंने बताया कि फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड, मलेशिया, ब्राज़ील, यूक्रेन, श्रीलंका तथा इंडोनेशिया सहित अनेक देशों में संगठन का विस्तार किया गया है और वहाँ राष्ट्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है।
समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
विश्व हिन्दू रक्षा परिषद अध्यक्ष गोपाल राय ने लव जिहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए देश की बेटियों से जागरूक, सतर्क और शिक्षित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने हिन्दू समाज से संगठित होकर समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि धर्मांतरण को रोकना केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है।