अयोध्या पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और पार्टी प्रतिनिधिमंडल को होटल में रोके जाने के आरोप के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश अध्यक्ष Ajay Rai को सोमवार देर रात अयोध्या के एक होटल में रोक दिया गया, जिससे पार्टी के प्रस्तावित दौरे पर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि अजय राय को होटल पद्मश्री पैलेस में “हाउस अरेस्ट” जैसी स्थिति में रखा गया। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस घटना के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
राम मंदिर दर्शन और जानकारी जुटाने के लिए पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस के अनुसार, अजय राय मंगलवार को रामलला के दर्शन करने और कथित राम मंदिर चढ़ावा मामले से जुड़ी जानकारी जुटाने के उद्देश्य से एक नौ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या पहुंचे थे। इस प्रतिनिधिमंडल में सांसदों और विधायकों को भी शामिल किया गया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करना नहीं, बल्कि उन सवालों के जवाब तलाशना था जो हाल के दिनों में राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर उठाए जा रहे हैं।
साधु-संतों और स्थानीय लोगों से बातचीत की थी योजना
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के बाद साधु-संतों, प्रशासनिक अधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय निवासियों से मुलाकात करने वाला था। पार्टी का कहना है कि इन बैठकों के माध्यम से तथ्यों को एकत्र कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जानी थी। इस रिपोर्ट को बाद में Rahul Gandhi को सौंपने की योजना बनाई गई थी। कांग्रेस का दावा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर संसद के आगामी मानसून सत्र में सरकार से जवाब मांगा जाएगा और मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
कांग्रेस ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की
पार्टी का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या विवाद की आशंका सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी का मानना है कि जनता और श्रद्धालुओं को सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
भाजपा पर राजनीति करने का आरोप
अजय राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लंबे समय से भगवान राम के नाम पर राजनीति करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आस्था से जुड़े मामलों पर सवाल उठ रहे हैं, तब सरकार और संबंधित पक्ष जवाब देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह तथ्यों, दस्तावेजों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो यह मुद्दा संसद से लेकर जनता के बीच भी उठाया जाएगा।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
अयोध्या में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को कथित रूप से रोके जाने के आरोप ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक पक्ष का आधिकारिक रुख सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।
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