
लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दल लगातार भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचने वाला था। हालांकि कांग्रेस का आरोप है कि सांसदों, विधायकों, पूर्व विधान परिषद सदस्यों समेत कई नेताओं को पुलिस ने पहले नजरबंद किया और बाद में हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भगवान से प्रार्थना करने जा रहे थे, लेकिन दर्शन से भी रोका गया
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस नेता अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करना चाहते थे। उनका कहना है कि वे भगवान से प्रार्थना करना चाहते थे कि चढ़ावा चोरी, चंदा चोरी और कथित जमीन घोटाले के जरिए भगवान राम के पवित्र धाम को बदनाम करने वाले लोगों का सच सामने आए। अजय राय के मुताबिक, उनका यह दौरा पूरी तरह धार्मिक था और इसका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था।
होटल में रातभर नजरबंद रखने और जबरन हिरासत में लेने का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस अजय राय ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके साथ मौजूद कांग्रेस नेताओं को एक होटल में रात से ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गए थे क्योंकि उन्हें आशंका थी कि सरकार उन्हें रामलला के दर्शन करने से रोक सकती है। उनके अनुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस ने उन्हें जबरन हिरासत में लेकर आचार्य नरेंद्रदेव विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में रखा। अजय राय का आरोप है कि कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन करने से भी रोका गया।
बीजेपी और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर लगाए गंभीर आरोप
यूपीसीसी अध्यक्ष अजय राय ने बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कथित जमीन घोटाले में आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोग शामिल हैं और भगवान राम उन्हें सद्बुद्धि दें। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ के नाम पर राजनीति करने वाले अब भगवान का चढ़ावा भी हड़प रहे हैं।
‘राजनीति नहीं, श्रद्धा के कारण अयोध्या आए’
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्पष्ट किया कि उनका अयोध्या दौरा किसी राजनीतिक मकसद से नहीं था। उन्होंने कहा कि वे वाराणसी से आते हैं, भगवान महादेव के भक्त हैं और जिस तरह काशी में ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष करते हैं, उसी श्रद्धा के साथ अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन करने पहुंचे थे। उनका आरोप है कि सरकार ने उन्हें जबरन रोककर धार्मिक स्वतंत्रता का भी उल्लंघन किया।