योगी सरकार का ‘सिल्क मिशन’, MSP से रेशम किसानों की आय में 39% उछाल; सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लोकार्पण


लखनऊ, उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बुधवार को गोमतीनगर स्थित रेशम निदेशालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के विस्तार और पीसीएसएफ अध्यक्ष कक्ष का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू किसान हितैषी नीतियों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) व्यवस्था के कारण रेशम किसानों की आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार शहतूती, टसर और एरी सेक्टर की सभी फसलों के ककून पर एमएसपी लागू किया गया है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिला है। वर्ष 2026-27 की शहतूती सेक्टर की ग्रीष्म फसल में 4,10,324 किलोग्राम कोया का उत्पादन हुआ, जिसे किसानों ने 9.71 करोड़ रुपये में बेचा। यह पिछले वर्ष की तुलना में 2.73 करोड़ रुपये अधिक है। इस प्रकार रेशम किसानों की आय में 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंत्री राकेश सचान और अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने ग्रीष्म फसल 2026 में सर्वाधिक लाभ अर्जित करने वाले आठ प्रगतिशील कीटपालकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया। सम्मानित किसानों में गोरखपुर के सत्य प्रकाश सिंह और ब्रम्हदेव, गोण्डा की रेनू और ठकुराईन वर्मा, लखीमपुर के रामचन्द्र और कृष्ण कुमार तथा बहराइच के साहब दयाल और मालती शामिल रहे।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम पात्र किसान तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों का चयन जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी की निगरानी में किया जाए तथा प्रत्येक लाभार्थी का नाम, मोबाइल नंबर, दी गई सहायता और उसका भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि योजनाओं में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
राकेश सचान ने कहा कि रेशम क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, गुणवत्तापूर्ण सामग्री समय पर उपलब्ध कराने और नए आपूर्तिकर्ताओं को अवसर देने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। उन्होंने रेशम फार्मों की भूमि के अभिलेखीकरण, नर्सरी विकास, पौधारोपण तथा किसान समितियों को सक्रिय करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि एमएसपी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और तकनीकी नवाचार के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी रेशम उत्पादक राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।