MP Waqf Board: नए वक्फ कानून के तहत मध्य प्रदेश में बोर्ड का गठन, दो हिंदू सदस्य भी शामिल

MP Waqf Board: वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत मध्य प्रदेश पहला राज्य बना जिसने नए वक्फ बोर्ड का गठन किया। बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों सहित 10 नियुक्तियां की गईं।

MP Waqf Board formed under Waqf Amendment Act 2025
वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत मध्य प्रदेश में नए वक्फ बोर्ड का गठन किया गया।

नई दिल्ली/अमर भारती। वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 लागू होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने नए कानून के तहत वक्फ बोर्ड में सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की है। राज्य सरकार ने बोर्ड के लिए 10 सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी है, जबकि एक पद स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष के चुनाव के बाद भरा जाएगा।

MP Waqf Board का हुआ पुनर्गठन

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, नए वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के तहत मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन किया गया है। बोर्ड में कुल 11 सदस्यों का प्रावधान है, जिनमें कुछ सदस्य पदेन (Ex-Officio) होते हैं। वर्तमान में स्टेट बार काउंसिल के चुनाव जारी होने के कारण अध्यक्ष का पद रिक्त है। इसी वजह से फिलहाल 10 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। बार काउंसिल अध्यक्ष के चुने जाने के बाद उन्हें भी बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा।

इन सदस्यों को मिली जिम्मेदारी

नवगठित वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष के रूप में डॉ. सनव्वर पटेल को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ नेता नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया (भोपाल) की पार्षद शाइस्ता सुल्तान और रतलाम की पार्षद शबाना खान को सदस्य बनाया गया है।

नए कानून के तहत गैर-मुस्लिम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दो हिंदू सदस्यों को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। इनमें इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघवगढ़ के अनिमेष भार्गव शामिल हैं।

आतिफ अकील को मिली जिम्मेदारी

इससे पहले भोपाल उत्तर से विधायक रहे आरिफ अकील वक्फ बोर्ड के सदस्य थे। उनके निधन के बाद अब उनके पुत्र और वर्तमान विधायक आतिफ अकील को बोर्ड में सदस्य बनाया गया है। सरकार का कहना है कि स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद उन्हें भी बोर्ड में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद बोर्ड अपनी पूर्ण निर्धारित संख्या 11 सदस्यों के साथ कार्य करेगा।

क्या है वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025?

वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 का उद्देश्य वक्फ बोर्डों के कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। नए कानून में महिलाओं और गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी का प्रावधान किया गया है, ताकि निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बन सके। इसके अलावा वक्फ संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण, रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण और संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और उपयोग में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विवादों में कमी आएगी।

देश के लिए बना उदाहरण

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा नए कानून के तहत सबसे पहले वक्फ बोर्ड का गठन किए जाने को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अन्य राज्यों में भी आने वाले समय में इसी मॉडल के आधार पर नए प्रावधानों के अनुरूप वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन किया जा सकता है।

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