Ram Mandir Loot Case: VHP प्रमुख आलोक कुमार बोले- दोषियों को मिले सजा, चंपत राय को लेकर जानिए क्या कहा?

Ram Mandir Loot Case पर VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। चंपत राय को लेकर भी दिया बड़ा बयान, निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

VHP President Alok Kumar on Ram Mandir Loot Case
राम मंदिर लूट मामले पर VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा देने की मांग की।

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित लूट मामले को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक और सामाजिक बहस के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पहली बार विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच होनी चाहिए तथा जो भी दोषी पाया जाए, उसे कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

Ram Mandir Loot Case पर VHP की प्रतिक्रिया

एक इंटरव्यू में आलोक कुमार ने कहा कि यदि मंदिर से जुड़े वित्तीय या प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस घटना से दुनिया भर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हुआ है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इस मामले में किसी भी तरह का बचाव या बहाना नहीं बनाया जा सकता।”

VHP, RSS और केंद्र सरकार को जोड़ने की कोशिशों को किया खारिज

आलोक कुमार ने इस मामले को विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार से जोड़ने की कोशिशों को भी गलत बताया। उनका कहना था कि किसी संस्था या सरकार को बिना तथ्यों के इस विवाद से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और उसके प्रशासनिक निर्णय उसी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

चंपत राय पर क्या बोले आलोक कुमार?

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और VHP के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय को लेकर उठ रहे सवालों पर भी आलोक कुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि चंपत राय भले ही VHP के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हों, लेकिन उन्हें ट्रस्ट में VHP के प्रतिनिधि के रूप में नहीं भेजा गया था।

आलोक कुमार ने कहा, “हमने उन्हें उस पद के लिए नामित नहीं किया था और न ही उनकी सिफारिश की थी। ट्रस्ट में उनकी भूमिका को VHP का प्रतिनिधित्व नहीं माना जाना चाहिए।”

जांच पूरी होने से पहले कार्रवाई की मांग उचित नहीं

जब उनसे पूछा गया कि VHP ने अब तक चंपत राय से सार्वजनिक दूरी क्यों नहीं बनाई, तो उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी मान लेना न्यायसंगत नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी जांच एजेंसी ने चंपत राय पर कथित लूट की योजना बनाने, उसमें शामिल होने या उसे बढ़ावा देने का आरोप नहीं लगाया है। ऐसे में केवल आरोपों के आधार पर किसी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं होगा।

दोषियों को मिले कड़ी सजा

आलोक कुमार ने कहा कि VHP ने शुरुआत से ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करने, वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

चार से पांच महीने में जांच पूरी करने की मांग

VHP प्रमुख ने उम्मीद जताई कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो चार से पांच महीनों के भीतर जांच और मुकदमे की प्रक्रिया पूरी कर दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होगा और समाज में फैली नाराजगी भी कम होगी।

जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें

फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितताओं के लिए कौन जिम्मेदार है। ऐसे में सभी पक्षों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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