
बाराबंकी। घुंघटेर थाना क्षेत्र के सिकटिया गांव में सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। मुआवजा, सरकारी नौकरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों चली वार्ता के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
जानकारी के मुताबिक सिकटिया गांव निवासी राम सिंह (45) बुधवार शाम अपनी स्विफ्ट कार (यूपी 32 आरजे 1518) से ओदरिया प्लांट से घर लौट रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) घुंघटेर के अधीक्षक डॉ. आर.पी. वर्मा के वाहन ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गई।
उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल राम सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। मृतक अपने पीछे पत्नी मायादेवी, 14 वर्षीय बेटी आराध्या और 10 वर्षीय पुत्र अविनाश को छोड़ गए हैं।
ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार रोककर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, कृषक दुर्घटना बीमा की राशि का शीघ्र भुगतान, पांच बीघा कृषि भूमि का पट्टा, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास, दोनों बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार द्वारा उठाने, दुर्घटना के जिम्मेदार चालक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और मृतक की कार के बैंक ऋण की शेष किस्त सरकार से दिलाने की मांग की।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का मिला आश्वासन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी फतेहपुर कार्तिकेय सिंह, क्षेत्राधिकारी फतेहपुर जगत राम कनौजिया, नायब तहसीलदार अनु सिंह समेत घुंघटेर, बड्डूपुर, कुर्सी और माती थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर शासन की पात्र योजनाओं के तहत हरसंभव सहायता, मामले की निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और राम सिंह का अंतिम संस्कार कराया गया। एहतियातन गांव में पूरे दिन पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन का कहना है कि सड़क हादसे की जांच कराई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।