
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 182 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। नियुक्ति विभाग की ओर से देर रात जारी सूची में उपजिलाधिकारी (एसडीएम), अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट और ओएसडी स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इस व्यापक तबादला सूची का सबसे अधिक असर बहराइच जनपद पर देखने को मिला, जहां एक साथ तीन एसडीएम का तबादला कर दिया गया, जबकि जिले को पांच नए उपजिलाधिकारी दिए गए हैं। शासन के इस फैसले के बाद जिले के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
शासन के आदेश के अनुसार बहराइच में तैनात एसडीएम पूजा चौधरी का तबादला अयोध्या कर दिया गया है। वह जिले की एक महत्वपूर्ण तहसील में तैनात थीं और राजस्व वादों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। वहीं एसडीएम अखिलेश कुमार सिंह को जौनपुर भेजा गया है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भूमि विवादों के समाधान में अहम योगदान दिया। तीसरे एसडीएम अश्वनी कुमार पांडेय का तबादला फतेहपुर किया गया है। चुनाव और त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था संभालने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। शासन ने तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में तीनों अधिकारियों को औपचारिक विदाई दिए जाने की तैयारी की गई है।
निस्तारण और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद
दूसरी ओर शासन ने बहराइच को पांच नए उपजिलाधिकारी उपलब्ध कराए हैं। प्रशांत कुमार नायक को उन्नाव से, राजेश कुमार अग्रवाल को मऊ से, संजय कुमार पाण्डेय को शाहजहांपुर से, अमन देवाल को रामपुर से तथा महिला पीसीएस अधिकारी नीतू रानी को संभल से स्थानांतरित कर बहराइच भेजा गया है। सभी नए अधिकारियों के सोमवार से कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन का आदेश प्राप्त होते ही नए एसडीएम को विभिन्न तहसीलों का आवंटन कर दिया जाएगा। कैसरगंज, नानपारा, महसी, पयागपुर और बहराइच सदर तहसील में नए अधिकारियों की तैनाती से लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
जनसुनवाई और राजस्व मामलों के निस्तारण को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक आगामी त्योहारी सीजन, धान खरीद, बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी और विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से शासन ने यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसे आगामी चुनावी तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है। प्रदेशभर में हुए इस तबादले के बाद जिला मुख्यालयों पर हलचल तेज हो गई है। बहराइच कलेक्ट्रेट में भी देर रात तक अधिकारी तबादला आदेश की प्रति का इंतजार करते रहे। नए एसडीएम की तैनाती से जिले में विकास कार्यों, जनसुनवाई और राजस्व मामलों के निस्तारण को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।