“तहसील परिसर बना संघर्ष का मैदान, महिला किसान नेता ने दो घंटे धरने पर बैठ मांगा इंसाफ”


मितौली (खीरी)। भारतीय किसान यूनियन (किसान) की महिला जिलाध्यक्ष एवं ग्राम धर्माखेड़ा निवासी मनजीत कौर ने गुरुवार को मितौली तहसील परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। धरने के बाद उन्होंने जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार शशांक मिश्रा को सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की।


धरने के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मैगलगंज थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार और मितौली क्राइम इंस्पेक्टर अखिलेश गंगवार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने वार्ता कर महिला किसान नेता को शांत कराया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
ज्ञापन में मनजीत कौर ने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि पर फर्जीवाड़ा कर अवैध कब्जा किया गया। विरोध करने पर उनके परिवार के साथ मारपीट, धमकी और उत्पीड़न किया गया। उनका दावा है कि 23 जून 2026 को खेत में पेड़ों की कटाई का विरोध करने पर उन पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह घायल हो गईं। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।


महिला किसान नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उन्हें और उनके दोनों बच्चों को घर से निकालने का प्रयास किया तथा उनके पति की भूमि का कथित रूप से फर्जी बैनामा कराकर दाखिल-खारिज करा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर भी निष्पक्ष सुनवाई न करने का आरोप लगाया।
ज्ञापन में ससुराल पक्ष की संपत्तियों, भूमि हस्तांतरण, कथित भूमि बिक्री, थार वाहन के स्वामित्व परिवर्तन, मोबाइल नंबरों, भूमि बिक्री से प्राप्त धनराशि और गाटा संख्या 2240 में दर्ज चारागाह भूमि पर कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
मनजीत कौर ने अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, गाटा संख्या 540 से जुड़े भूमि विवाद की जांच, 23 जून की घटना में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।