‘प्रोजेक्ट मेघालय’ पर चेन्नई पुलिस की बड़ी कार्रवाई, TVK विधायकों को कथित रिश्वत ऑफर मामले में 9 गिरफ्तार

तमिलनाडु की राजनीति में ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ को लेकर बढ़ा विवाद

Chennai Police investigating the alleged Project Meghalaya case involving bribery allegations targeting TVK MLAs.
चेन्नई पुलिस ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ मामले में कथित रिश्वत और राजनीतिक साजिश के आरोपों की जांच कर रही है।

नई दिल्ली/अमर भारती। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) से जुड़े कथित रिश्वत और राजनीतिक साजिश के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। चेन्नई पुलिस ने ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ नाम से सामने आए कथित ऑपरेशन की जांच तेज करते हुए अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि कुछ TVK विधायकों से संपर्क कर उन्हें पार्टी के खिलाफ मतदान करने और राजनीतिक समर्थन बदलने के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम का प्रस्ताव दिया गया था। मामला सामने आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।

TVK विधायक ने दर्ज कराई शिकायत

पूरे मामले की शुरुआत उथंगराई विधानसभा क्षेत्र से TVK विधायक एन. एलैयाराजा की शिकायत के बाद हुई। विधायक ने आरोप लगाया कि यूट्यूबर थिरुनावुक्कारासु, जो कथित तौर पर IDPS नामक ओपिनियन पोलिंग ग्रुप से जुड़े हैं, और कुछ अन्य लोगों ने उनसे संपर्क किया। एलैयाराजा का दावा है कि उन्हें विधानसभा में पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान करने के बदले 35 करोड़ रुपये देने की पेशकश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्ताव ठुकराने के बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी दी गईं।

15 विधायकों से संपर्क करने का आरोप

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ नाम से कथित योजना के तहत TVK के लगभग 15 विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की गई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित उद्देश्य विधायकों को आर्थिक प्रलोभन देकर पार्टी से अलग होने या विधानसभा में अलग रुख अपनाने के लिए तैयार करना था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक जांच पूरी नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल जारी है।

पत्रकार से पूछताछ, मोबाइल जब्त

जांच के दौरान चेन्नई पुलिस ने क्षेत्रीय समाचार चैनल पुथिया थलाइमुराई के वरिष्ठ पत्रकार विजयन से भी पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले कुछ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उनका कथित मुख्य आरोपी थिरुनावुक्कारासु से संपर्क सामने आया है। 15 और 16 जुलाई को पूछताछ के बाद पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए पत्रकार का मोबाइल फोन जब्त कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

प्रेस क्लब ने जताई आपत्ति

चेन्नई प्रेस क्लब ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। क्लब का आरोप है कि पत्रकार से देर रात तक पूछताछ की गई और बिना उचित प्रक्रिया के उनका मोबाइल फोन जब्त किया गया। प्रेस क्लब ने इसे प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पूरी जांच कानून के दायरे में रहकर की जा रही है और सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।

DMK नेताओं को भी भेजा गया नोटिस

जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। हालांकि, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने इस मामले में लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि TVK राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से निराधार आरोप लगा रही है और इन दावों का जवाब कानूनी तरीके से दिया जाएगा।

जांच जारी, फंडिंग और नेटवर्क की पड़ताल

पुलिस अब तक कथित रिश्वत प्रकरण में नौ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित ‘प्रोजेक्ट मेघालय’ के पीछे कौन लोग शामिल थे, इसकी फंडिंग कहां से हुई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

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